spot_imgspot_img

Latest News

spot_img

Related Posts

पीडब्लूडी अभियंता का वीआईपी विश्रामगृह पर कब्जा ?

– मरम्मत के लिए शीतकालीन अधिवेशन की निधि का खर्च : विकास ठाकरे

नागपुर :- सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी) के नागपुर विभाग क्रमांक-1 के वीआईपी विश्रामगृह का अधीक्षक अभियंता के सरकारी आवास के रूप में इस्तेमाल किए जाने और इसकी मरम्मत पर विधानसभा के शीतकालीन अधिवेशन के लिए मंजूर निधि से करीब 92.86 लाख रुपये खर्च किए जाने का आरोप कांग्रेस विधायक विकास ठाकरे ने लगाया है।

ठाकरे ने सूचना का अधिकार (आरटीई) के तहत प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर इस मामले की शिकायत तैयार कर मुंबई में सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्र सिंह राजे भोसले को सौंपी है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर संबंधित तत्कालीन एवं वर्तमान अभियंताओं तथा ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ठाकरे के अनुसार, पीडब्लूडी विभाग क्रमांक-1 से प्राप्त दस्तावेजों में रविनगर स्थित बंगला क्रमांक 47/1 का उल्लेख अधीक्षक अभियंता के सरकारी आवास के रूप में किया गया है। उनका दावा है कि यह इमारत वास्तव में वीआईपी विश्रामगृह है।

दस्तावेजों के अनुसार, 23 नवंबर और 21 दिसंबर 2023 को जारी तीन कार्यादेशों के माध्यम से इस इमारत पर कुल 92,86,124 रुपये के काम कराए गए। इनमें फॉल्स सीलिंग की मरम्मत, स्नानगृह का नवीनीकरण, दरवाजे-खिड़कियां बदलना, सुरक्षा दीवार की ऊंचाई बढ़ाना, छत की मरम्मत, पार्किंग शेड, संरचनात्मक मजबूतीकरण, प्लिंथ प्रोटेक्शन का वॉटरप्रूफिंग और उद्यान में पगडंडी निर्माण जैसे काम शामिल हैं। ठाकरे का कहना है कि इन कार्यादेशों में इन कामों का संबंध राज्य विधानमंडल के शीतकालीन अधिवेशन से होने का उल्लेख है।

ठाकरे ने कहा कि वीआईपी विश्रामगृह को सरकारी आवास के रूप में इस्तेमाल करना और उसी इमारत पर अधिवेशन के लिए मंजूर निधि खर्च करना गंभीर विषय है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि ऐसी ही इमारतों और पीडब्लूडी के अन्य अभियंताओं के बंगलों पर भी अधिवेशन निधि से खर्च किया गया हो सकता है। उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग की है।

स्वतंत्र समिति का गठन हो

ठाकरे के मुताबिक, दिसंबर 2026 में होने वाले शीतकालीन अधिवेशन की तैयारियों के लिए पीडब्लूडी ने करीब 100 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट तैयार किया है। उन्होंने अधिवेशन निधि से होने वाले कार्यों की निगरानी के लिए स्वतंत्र समिति गठित करने की मांग की है। समिति में स्थानीय विधायक, जिलाधिकारी कार्यालय के प्रतिनिधि, केंद्र सरकार की किसी संस्था के सिविल इंजीनियर तथा पीडब्लूडी के अभियंताओं को शामिल करने का सुझाव दिया गया है।

Popular Articles