– आरपीएफ और टीटीई पर निष्क्रियता के आरोप, नागपुर पहुंचकर पीड़िता ने दर्ज कराई शिकायत
नागपुर :- वाराणसी से नागपुर आ रही दानापुर एक्सप्रेस में एक महिला यात्री और उनके परिवार के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि घटना के दौरान ट्रेन में मौजूद रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और टिकट परीक्षक (टीटीई) को सूचना देने के बावजूद समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। मामले ने रेलवे में यात्रियों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़िता के अनुसार, घटना 3 जुलाई की है। वह अपने परिवार के साथ दानापुर एक्सप्रेस से नागपुर लौट रही थीं। इसी दौरान कुछ सह-यात्रियों से विवाद हो गया, जो बाद में गाली-गलौज और कथित मारपीट तक पहुंच गया। परिवार ने तत्काल रेलवे की आपातकालीन हेल्पलाइन 139 पर संपर्क कर सहायता मांगी। शिकायत के बाद आरपीएफ के जवान संबंधित कोच में पहुंचे और यात्रियों से पूछताछ की। हालांकि, पीड़िता का आरोप है कि पूछताछ के बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका यह भी कहना है कि घटना की जानकारी ट्रेन के टीटीई को भी दी गई, लेकिन उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। इसके कारण परिवार को शेष यात्रा भय और असुरक्षा के माहौल में पूरी करनी पड़ी।
नागपुर पहुंचकर दर्ज कराई शिकायत
4 जुलाई को नागपुर पहुंचने के बाद पीड़िता ने रेलवे पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने कथित तौर पर मारपीट करने वाले यात्रियों के साथ-साथ ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले आरपीएफ कर्मियों और टीटीई के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर से सवाल उठने लगे हैं। कई यात्री संगठनों का कहना है कि लंबी दूरी की ट्रेनों के स्लीपर कोचों में अत्यधिक भीड़ और अनधिकृत यात्रियों की मौजूदगी के कारण वैध टिकटधारकों को भी असुविधा और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है। हालांकि, इस मामले में रेलवे अधिकारियों की जांच पूरी होने के बाद ही घटना के सभी तथ्यों और जिम्मेदारियों की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।




