यवतमाल :- महाराष्ट्र में इन दिनों बंजारा और धनगर समाज को हैदराबाद गजेट के अनुसार आदिवासी प्रवर्ग में शामिल करने का मुद्दा ज्वलंत बना हुआ है। इसी पृष्ठभूमि में वणी में आदिवासी कृती समिति के बैनर तले एक विशाल आदिवासी आरक्षण बचाव मोर्चा निकाला गया। इस मोर्चे में वणी, झरी और मारेगाव तहसीलों के हजारों आदिवासी बंधू, महिलाएं, पुरुष व बच्चे पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में सहभागी हुए। ढोल-नगाड़ों, पारंपरिक नृत्य और संस्कृती की झलकियों के साथ आदिवासी समाज ने अपनी एकजुटता का भव्य प्रदर्शन किया। आदिवासी आरक्षण में किसी भी समाज की घुसपैठ बर्दाश्त नहीं की जाएगी, यह हक हम छीनकर ही रहेंगे” जैसी गगनभेदी घोषणाओं से पूरा शहर गूंज उठा। शिवाजी चौक से प्रारंभ होकर यह विशाल मोर्चा आंबेडकर चौक से होते हुए तहसील कार्यालय पहुंचा। महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने उत्स्फूर्त सहभाग लेकर आंदोलनको अधिक बल मिला।
इस अवसर पर आदिवासी समाज के नेताओं ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी कि “हमारे आरक्षण पर किसी भी तरह का आघात सहन नहीं किया जाएगा।” मोर्चे के समारोप पर आदिवासी समाज के प्रतिनिधि मंडल ने अपनी मागों का निवेदन उपविभागीय अधिकारी हिंगोली को सौंपा। यवतमाल जिले के वणी शहर में आज आदिवासी समाज ने आरक्षण बचाव को लेकर भव्य मोर्चा निकाला।यह मोर्चा आदिवासी आरक्षण में हस्तक्षेप और कटौती की आशंका के विरोध में आयोजित किया गया। हजारों की संख्या में आदिवासी पुरुष, महिलाएं और युवा पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। मोर्चा शांतिपूर्ण रहा और “आरक्षण हमारा हक है” जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने एसटी आरक्षण को कमजोर करने वाली नीतियों को तुरंत रद्द करने की मांग की।अनुसूचित जनजाति आयोग की स्थायी निगरानी और अधिकार सुनिश्चित करने की भी अपील की गई। मोर्चे के समापन पर उपविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। नेताओं ने कहा कि यदि मांगे नहीं मानी गईं तो राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा। मोर्चे में कई सामाजिक संगठन, छात्र संघ और ग्राम पंचायत प्रतिनिधि भी शामिल रहे। प्रशासन ने मोर्चे के लिए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए और शांति बनाए रखने में सफलता पाई।




