– 3 के पैर फ्रैक्चर, 7 के सिर में चोट, 4 गंभीर घायलों को रेफर
नागपुर/नरखेड़ :- मध्य प्रदेश के पांढुरना जिले में तान्हा पोला के अवसर पर आयोजित पारंपरिक गोटमार मेले में इस बार करीब 12 घंटे तक पत्थरबाजी का दौर चला। पांढुरना और सावरगांव पक्ष के बीच सुबह 6 बजे शुरू हुई गोटमार शाम 6 बजे तक जारी रही। इस दौरान 438 से अधिक लोग घायल हुए।
जाम नदी के दोनों किनारों पर सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग जमा थे। मेले की शुरुआत के साथ दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर पत्थर फेंके गए। समय के साथ पत्थरबाजी तेज होती गई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए। घायलों को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में उपचार के लिए पहुंचाया गया। गोटमार में शामिल तीन लोगों के पैरों की हड्डियां फ्रैक्चर हुईं, जबकि सात लोगों के सिर में चोट आई। एक की नाक पर भी चोट लगी। गंभीर रूप से घायल चार लोगों को बेहतर उपचार के लिए रेफर किया गया, जिनमें तीन को नागपुर और एक को वरूड भेजा गया। घायलों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने उपचार की विशेष व्यवस्था की थी।

पुलिस का रहा कड़ा बंदोबस्त
मेले को देखते हुए मध्य प्रदेश प्रशासन ने सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को तैनात किया था। प्रशासन ने गोटमार में इस्तेमाल होने वाली गोफणियों पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बावजूद पारंपरिक पत्थरबाजी के कारण बड़ी संख्या में लोग घायल हुए। विधायक नीलेश उईके भी गोटमार मेले में पहुंचे और परंपरा के अनुसार पांढुरना पक्ष की ओर से सावरगांव पक्ष की दिशा में पत्थर फेंक कर सहभागिता की।
सावरगांव का झंडा तोड़ने के बाद समापन:
दिनभर चली गोटमारी के बाद शाम 6 बजे पांढुरना पक्ष ने सावरगांव का झंडा तोड़ दिया। इसके बाद झंडे को चंडिका माता मंदिर ले जाकर धार्मिक विधि पूरी की गई। इसके साथ ही गोटमार मेले का समापन हुआ। पांढुरना और सावरगांव के बीच होने वाले इस पारंपरिक मेले को धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व प्राप्त है। हालांकि, इस बार बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने के कारण गोटमार मेला चर्चा में रहा।





