नागपुर :- नागपुर के कोराडी थाना क्षेत्र में नौकरी दिलाने के नाम पर 27.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने दो महिलाओं को क्लर्क पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर रकम और मूल दस्तावेज हासिल किए, लेकिन नौकरी नहीं लगाई और पैसे भी वापस नहीं किए।
पुलिस के अनुसार, बोखारा निवासी प्रदीप कमलाकांत खसारे (41) के रिश्तेदार रविंद्र कावलकर की पत्नी को मुंबई के जीटी अस्पताल में क्लर्क की नौकरी दिलाने के नाम पर 6 लाख रुपये लिए गए थे। इसके बाद प्रदीप की पत्नी के लिए नागपुर में क्लर्क की नौकरी दिलाने की बात कही गई। आरोपी देवेंद्र साहबराव तायडे ने मेडिकल अस्पताल में नौकरी के लिए 25 लाख रुपये की मांग की। प्रदीप 23 लाख रुपये देने के लिए तैयार हो गए। आरोप है कि 3 अगस्त 2024 से 18 जून 2025 के बीच देवेंद्र तायडे ने रविराज कुमार सिंह और कुमार नामक व्यक्ति के माध्यम से प्रदीप से 23 लाख रुपये नकद तथा उनकी पत्नी के मूल दस्तावेज लिए। नौकरी की ज्वाइनिंग को लेकर बार-बार टालमटोल की गई। पैसे वापस मांगने पर भी रकम नहीं लौटाई गई। इसी तरह रविंद्र कावलकर से भी उनकी पत्नी को नौकरी दिलाने के नाम पर 14.50 लाख रुपये लिए गए। दोनों महिलाओं को नौकरी नहीं मिली और रकम भी वापस नहीं की गई। कुल 27.50 लाख रुपये की ठगी का आरोप है। प्रदीप खसारे की शिकायत पर कोराडी पुलिस ने आरोपी देवेंद्र तायडे, रविराज कुमार सिंह और कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच पोउपनि. तुषार नवले कर रहे हैं।





