नागपुर :- कंपनी की संपत्ति हथियाने के लिए फर्जी दस्तावेज बनाकर भागीदार की पत्नी से 34.27 करोड़ की ठगी की गई है. लकड़गंज पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच आरंभ की है. आरोपी रवि रतनकुमार अग्रवाल, प्रीति रवि अग्रवाल, शकुंतलादेवी रतन अग्रवाल, गोपाल अग्रवाल, मुस्कान गुप्ता, अशोक अग्रवाल, चंद्र सुभाष अग्रवाल तथा गेदराम साहू है.. सभी रायपुर, छत्तीसगढ़ के निवासी हैं. शिकायतकर्ता सोनल मनोज अग्रवाल है. शीतल के ससुर ने अपने भाई रतन कुमार अग्रवाल के साथ 1994 से मे. उड़ीसा बंगाल कैरियर लि. ट्रांसपोर्ट कंपनी आरंभ की थी. इस कंपनी में सोनल के पति मनोज और चाचा ससुर रतन अग्रवाल के परिजन भी भागीदार थे. कुछ समय बाद सोनल के ससुर और पति की बीमारी से मृत्यु हो गई. इसके बाद से आरोपी ही कंपनी का कामकाज संभालने लगे. 2018 में कंपनी को मुंबई स्टॉक एक्सचेंज से मान्यता प्राप्त हुई. उस वक्त कंपनी को 52 लाख 21 हजार 400 शेयर प्राप्त हुए. इसमें सरोज, उनके पति और सास-ससुर का भी हिस्सा था. सरोज के ससुर की मृत्यु के बाद रतन कुमार और उनके परिजनों ने कंपनी अपने ‘कंट्रोल’ में कर ली. फर्जी दस्तावेज बनाकर कंपनी की संपत्ति अपने नाम पर कर ली. 2024 में सरोज के पति मनोज कुमार की तबीयत खराब होने पर उनके उपचार के लिए भी पैसे नहीं दिए. आरोपियों ने 31.27 करोड़ के शेयर और बैंक से 3 करोड़ रुपए निकाल लिए. उन्होंने सोनल से 34.27 करोड़ की ठगी की. इसका पता चलने पर सोनल ने आरोपियों से संपति लौटाने को कहा. आरोपी टालमटोल करते रहे. सोनल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. लकड़गंज पुलिस ने धोखाधड़ी का नामला दर्ज किया है.








