– 3,686 में से 1,668 कैमरे खराब, ट्रैफिक पुलिस के सामने बड़ी चुनौती
– स्मार्ट सिटी में ‘ब्लाइंड स्पॉट’ बढ़े
नागपुर :- शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभिन्न स्थानों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों में से 4565 प्रतिशत कैमरे खराब हैं. इस वजह से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई करने में यातायात पुलिस को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
प्रशासन को पहले ही बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों को तुरंत चालू करने का निर्देश दिया गया था. इसके बावजूद, लगभग 1,668 कैमरे अभी भी बंद हैं.
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर में लगभग 3,686 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। हालांकि, उचित रखरखाव के अभाव के कारण, इनमें से लगभग सभी कैमरे बंद होने लगे. यातायात पुलिस विभाग के अनुसार, शहर पर नजऱ रखने के लिए 3,686 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. वर्तमान में, इनमें से 2,०18 कैमरे चालू हैं, जबकि लगभग 1,668 कैमरे बंद हैं. इसका मतलब है कि लगभग 45 प्रतिशत कैमरे बंद हैं. इन बंद कैमरों के कारण पुलिस को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.
यातायात पुलिस सीसीटीवी कैमरों का उपयोग करके यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है.इनमें सिग्नल तोडऩा, गलत दिशा में गाड़ी चलाना, हेलमेट न पहनना आदि शामिल हैं. हालांकि, कई प्रमुख चौराहों पर कैमरे बंद होने के कारण पुलिस कार्रवाई करने में असमर्थ है.
सीसीटीवी कैमरे अपराध सुलझाने में पुलिस की मदद करते हैं. इनमें से, इन कैमरों से प्राप्त फुटेज का उपयोग दुर्घटनाओं, हत्याओं, चोरी और डकैती जैसी घटनाओं में आधार के रूप में किया जाता है. हालांकि, बंद कैमरों के कारण पुलिस को समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है. बंद सीसीटीवी कैमरों की मरम्मत और रखरखाव का काम एक निजी कंपनी को सौंपा गया था. इसके बावजूद, ये समस्याएं हल नहीं हुई .ाहर में बढ़ते अपराध और यातायात प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए, सीसीटीवी का उचित संचालन और रखरखाव अत्यंत महत्वपूर्ण है.
यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों को चालान जारी करना मुश्किल होता जा रहा है. सीसीटीवी कैमरों की जानकारी के आधार पर, 2०25 में उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई.
अपराध और दुर्घटनाओं की जांच प्रभावित
लगभग 4० लाख 81 हजार 5० ऑनलाइन चालान भेजे गए. हालांकि, अगर सभी सीसीटीवी यातायात नियमों का पालन किया जाए तो अगर सडक़ें अच्छी हालत में होतीं, तो चालानों की संख्या और भी अधिक होती. यह कार्रवाई कई प्रमुख चौराहों पर खराब सडक़ स्थिति के कारण की गई है, और दूसरी ओर, यातायात सीसीटीवी की वजह से पुलिस इस वर्ष चालान जारी नहीं कर पाई है. आंकड़ों की बात करें तो 1 जनवरी से 18 फरवरी के बीच 44 हजार 36 चालकों को चालान भेजे गए हैं.