– सूडान में सोने की खदानों पर हवाई हमला
– मिस्र की वायुसेना पर हमले का आरोप
खार्तूम (सूडान) :- उत्तरी सूडान में सोने की खदानों पर किए गए हवाई हमले में छोटे पैमाने पर खनन करने वाले करीब 72 लोगों की मौत हो गई। मानवाधिकार संगठन इमरजेंसी लॉयर्स ने रविवार को यह जानकारी दी। संगठन के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में इस तरह की यह दूसरी घटना है।
मानवाधिकार संगठन ने हमले के लिए मिस्र की वायुसेना को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, समाचार एजेंसी रॉयटर्स इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सकी है। मिस्र की सेना ने घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की, जबकि मिस्र के विदेश मंत्रालय ने भी प्रतिक्रिया देने के अनुरोध का जवाब नहीं दिया।
मलबे में मिले शव:
सोशल मीडिया और स्थानीय मानवाधिकार समूहों की ओर से साझा की गई तस्वीरों में मलबे के बीच कई शव बिखरे दिखाई दे रहे हैं। कुछ शव कफन में लिपटे हुए भी नजर आ रहे हैं। हालांकि, रॉयटर्स ने इन तस्वीरों की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की है। सोशल मीडिया पर साझा की गई पोस्ट में कुछ खनिकों ने भी हवाई हमले की जानकारी दी है।
इमरजेंसी लॉयर्स के अनुसार, यदि सीमा पार से ऐसा हमला किया गया है, तो यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हो सकता है।
सोने की तस्करी का बढ़ता कारोबार:
उत्तरी सूडान में छोटे पैमाने पर खनन करने वालों और अस्थायी सोने की खदानों की संख्या में हाल के दिनों में वृद्धि हुई है। देश में जारी संघर्ष के कारण आजीविका के अन्य साधन प्रभावित हुए हैं। ऐसे में सोना आय का प्रमुख स्रोत बन गया है और संघर्ष में शामिल दोनों पक्षों के लिए नकदी जुटाने का अहम जरिया भी है।
विशेषज्ञों और इस क्षेत्र से जुड़े लोगों के मुताबिक, सूडान में निकाले जाने वाले सोने का एक बड़ा हिस्सा तस्करी के जरिए मिस्र भेजा जाता है।
ड्रोन हमले बन रहे जानलेवा
सूडानी सेना और अर्धसैनिक बल के बीच जारी युद्ध में हताहतों की संख्या बढ़ रही है। इस संघर्ष में ड्रोन हमले लड़ाई का एक प्रमुख तरीका बन गए हैं।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, शुक्रवार को सूडान के ब्लू नाइल राज्य में सेना के नियंत्रण वाले क्षेत्र में स्थित विस्थापितों के एक शिविर पर ड्रोन हमला हुआ था। इस हमले में 31 लोगों की मौत हो गई थी। लगातार हो रहे हमलों से देश में आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।








