– गडकरी ने अतिक्रमण को बताया सबसे बड़ी बाधा
नागपुर :- केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मध्य और पूर्व नागपुर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था पर चिंता जताते हुए शहर के इस हिस्से की तुलना ब्लॉकेज से ग्रस्त हृदय से की। उन्होंने कहा कि मध्य नागपुर में करीब 90 प्रतिशत ब्लॉकेज है और स्थिति सुधारने के लिए बायपास सर्जरी जैसी व्यापक योजना की जरूरत है। अवैध निर्माण, अतिक्रमण और पार्किंग की कमी को उन्होंने सड़कों पर लगने वाले जाम का प्रमुख कारण बताया।
गडकरी ने कहा कि जिस तरह हृदय में ब्लॉकेज होने पर समय रहते उपचार जरूरी होता है, उसी तरह शहर के मध्य हिस्से की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। यदि समय पर सुधार नहीं किया गया, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने कहा कि इतवारी, गांधीबाग और महल जैसे क्षेत्रों में गलियों तक में अवैध इमारतें खड़ी हो गई हैं, लेकिन पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। सड़कों की जगह पर भी अतिक्रमण कर लिया गया है। ऐसी स्थिति में किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक आने पर एम्बुलेंस का समय पर पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। गडकरी ने कहा कि कुछ जनप्रतिनिधियों के संरक्षण में भी अतिक्रमण बढ़ा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में सुधार से सड़कों पर दबाव कम करने में मदद मिलती है, लेकिन जब तक अतिक्रमण नहीं हटाए जाते, तब तक यातायात की समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।

कई सड़क परियोजनाओं पर काम शुरू
गडकरी ने बताया कि शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। मेयो अस्पताल से हरिहर मंदिर तक सड़क के चार लेन बनाने का काम शुरू हो गया है। शहीद चौक और तीन नल चौक क्षेत्र में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा मोमिनपुरा में पुल बनाया गया है, जिससे कड़बी चौक तक सीधे पहुंचना आसान हुआ है।
कमल टॉकीज से दिघोरी पुल का उदाहरण देते हुए गडकरी ने कहा कि पुल शुरू होने के बाद महल से कमल टॉकीज चौक तक पहुंचने में उन्हें केवल सात मिनट लगे। इससे पहले वे समय पर पहुंचने के लिए घर से एक घंटा पहले निकले थे, लेकिन पुल बनने के बाद वे एक कार्यक्रम में निर्धारित समय से 45 मिनट पहले पहुंच गए। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क और पुल निर्माण से शहर के लोगों को यातायात में बड़ी राहत मिल सकती है।








