नागपुर :- कळमना पुलिस ने ऑपरेशन थंडर के तहत की गई बड़ी कार्रवाई में एम.डी. (Mephedrone) ड्रग्स की खेप पकड़ते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 224.030 ग्राम एम.डी. पाउडर, एक कार, इलेक्ट्रॉनिक वजनकाटा और दो मोबाइल फोन सहित कुल 49 लाख 6 हजार रुपये का माल जब्त किया है। मामला एन.डी.पी.एस. एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
घटना का खुलासा 16 सितंबर 2025 को हुआ जब कळमना पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक प्रविण काळे के मार्गदर्शन में पेट्रोलिंग के दौरान मिनीमाता नगर इलाके में संदिग्ध हालत में घूम रहे दो लोगों को पुलिस ने एम.जी. ZS EV कार (MH-49-CF-7214) सहित पकड़ा। तलाशी के दौरान कार के डैशबोर्ड से 5.030 ग्राम एम.डी. पाउडर बरामद हुआ, जिसकी कीमत 75 हजार रुपये आंकी गई। साथ ही कार जिसकी कीमत 15 लाख रुपये है, जब्त की गई। इस तरह पहले चरण की कार्रवाई में कुल 15.75 लाख रुपये का माल जब्त किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमित लज्जाराम शर्मा (44), निवासी दारोडकर चौक, महाल इतवारी और मुकेश निरंजन तराळे (47), निवासी वसंत नगर, अजनी, नागपुर के रूप में हुई।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि यह खेप आयुष दीपक इंगोले (20), निवासी शिवाजी नगर, कोतवाली से खरीदी गई थी। इसके बाद पुलिस ने 17-18 सितंबर की दरमियानी रात छापा मारकर आरोपी आयुष इंगोले को उसके घर से गिरफ्तार किया। तलाशी में उसके पास से 219 ग्राम एम.डी. पाउडर बरामद हुआ, जिसकी कीमत लगभग 32 लाख 85 हजार रुपये है। पूछताछ में आयुष ने खुलासा किया कि यह माल मयुर प्रकाश ठवकर (21), निवासी शंकर नगर, खरबी रोड ने उपलब्ध कराया था। पुलिस ने जाल बिछाकर मयुर को भी गंगाबाई घाट, लकड़गंज इलाके से गिरफ्तार कर लिया।
इस कार्रवाई में पुलिस ने अब तक चार आरोपियों – अमित शर्मा, मुकेश तराळे, आयुष इंगोले और मयुर ठवकर – को गिरफ्तार किया है। जब्त किए गए सामान में कुल 224.030 ग्राम एम.डी. ड्रग्स (कुल मूल्य 49 लाख रुपये), लाल रंग की कार, इलेक्ट्रॉनिक वजनकाटा और दो मोबाइल फोन शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ में एक महिला ड्रग पेडलर का नाम भी सामने आया है, जिसकी तलाश जारी है। संभावना जताई जा रही है कि इस गिरोह में और भी लोग शामिल हो सकते हैं।
यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त ज़ोन-3 और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कळमना थाने के उपनिरीक्षक संतोषकुमार रामलोड के नेतृत्व में की गई। टीम में पुलिसकर्मी रविकुमार शाहु, प्रदीप पवार, मंगेश लोही, संतोष पांडे, अनिल जाधव और प्रफुल गाहोकर शामिल थे।




