– 22 सितंबर को दिन और रात होंगे बराबर!
– खगोलविदों ने किया विशेष अवलोकन का आह्वान
अमरावती :- आमतौर पर दिन और रात की अवधि असमान रहती है, लेकिन इस साल सोमवार, 22 सितंबर को दिन और रात दोनों बिल्कुल 12-12 घंटे के होंगे। खगोलविदों का कहना है कि वर्ष में केवल दो दिन—21 मार्च और 22 सितंबर—ऐसे होते हैं जब पृथ्वी पर दिन और रात का समय समान होता है। खगोलशास्त्र में इस विशेष अवस्था को विषुव दिन (Equinox) कहा जाता है।
विशेषज्ञों ने बताया कि पृथ्वी का घूर्णन अक्ष उसकी परिक्रमा कक्षा के तल से लगभग 23.6 डिग्री झुका हुआ है। इस झुकाव के कारण कभी उत्तरी गोलार्ध तो कभी दक्षिणी गोलार्ध सूरज की ओर झुका रहता है, जिससे ऋतु परिवर्तन होते हैं और दिन-रात की अवधि में असमानता आती है। मगर 21 मार्च और 22 सितंबर को ऐसा नहीं होता। इन दिनों सूर्य सीधे भूमध्य रेखा पर लंबवत रहता है और प्रकाशवृत्त (Day-Night Circle) सीधे उत्तर व दक्षिण ध्रुवों से गुजरता है। यही वजह है कि इस दिन पूरी पृथ्वी पर दिन और रात बराबर होते हैं।
वैज्ञानिकों के अनुसार, पृथ्वी की परांचल गति (Precession) के कारण इन तिथियों में हर साल हल्का-फुल्का बदलाव हो सकता है। फिर भी इन दिनों को खगोल विज्ञान और भूगोल के छात्रों के लिए अत्यंत रोचक माना जाता है। अमरावती मराठी विज्ञान परिषद के अध्यक्ष प्रवीण गुल्हाने और खगोल अभ्यासक विजय गिरुळकर ने खगोलप्रेमियों और विद्यार्थियों से अपील की है कि वे 22 सितंबर को स्वयं दिन और रात का प्रत्यक्ष समय मापें और इस अनोखी खगोलीय घटना का अनुभव करें।
फाईल फोटो




