– बच्चों पर बढ़ते अपराध ने खड़ी की चुनौती, पोक्सो मामलों में इजाफा
नागपुर :-नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो की ताज़ा ‘क्राइम इन इंडिया 2023’ रिपोर्ट ने नागपुर शहर के अपराध परिदृश्य को मिश्रित तरीके से सामने रखा है। जहां कुल अपराधों में स्पष्ट गिरावट दर्ज की गई है, वहीं महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की बढ़ती संख्या ने चिंता बढ़ा दी है। 2023 में नागपुर में कुल 11,801 संज्ञेय अपराध दर्ज किए गए। यह 2022 के मुकाबले 38.8 फीसदी की गिरावट दर्शाता है। पुलिस की सक्रियता, निगरानी प्रणालियों में सुधार और नागरिकों की जागरूकता को इस कमी का मुख्य कारण माना जा रहा है। महिलाओं से जुड़े अपराधों में तेज़ी आई है। 2023 में 1,556 मामले दर्ज हुए, जो 2021 की तुलना में 34.6 फीसदी अधिक हैं। इनमें से लगभग 60 फीसदी मामले घरेलू हिंसा व साइबर अपराध से संबंधित रहे। आरोपपत्र दाखिल करने की दर 74.9 फीसदी है, जो मेट्रो शहरों के औसत से अधिक है, लेकिन कोलकाता जैसे शहरों से पीछे है। नागपुर में बच्चों से जुड़े अपराध भी बढ़े हैं। 2023 में 674 मामले दर्ज हुए, जिनमें पोक्सो एक्ट के अंतर्गत गंभीर अपराध शामिल रहे। यह स्थिति बच्चों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। नाबालिग अपराधों में स्थिरता नज़र आई। 2023 में 251 किशोरों को आईपीसी अपराधों में पकड़ा गया, जो पिछले वर्षों के समान है। विशेषज्ञों के अनुसार यह जुवेनाइल न्याय प्रणाली की प्रभावशीलता को दर्शाता है। 2023 में शहर में साइबर अपराध के केवल 3 मामले सामने आए। यह अन्य मेट्रो शहरों की तुलना में बहुत कम है। विशेषज्ञ इसके पीछे तकनीकी सुरक्षा उपायों और नागरिकों में बढ़ती साइबर जागरूकता को कारण मानते हैं। नागपुर की अपराध रिपोर्ट भले ही कुल मामलों में राहतजनक तस्वीर पेश कर रही हो, लेकिन महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों का बढ़ता ग्राफ सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी के सवाल खड़े करता है।




