– 279 हिस्ट्रीशीटरों को नई राह दिखाने की कोशिश
यवतमाल :- यवतमाल जिले में पुलिस अधीक्षक कुमार चिंता ने अपराध की जड़ तक पहुंचने और समाज में स्थायी शांति स्थापित करने के उद्देश्य से ‘ऑपरेशन प्रस्थान’ की शुरुआत की है। इस पहल का मकसद है – उन लोगों को समाज की मुख्यधारा में वापस लाना, जो कभी अपराध की राह पर चले गए थे, लेकिन अब एक सम्मानजनक जीवन जीना चाहते हैं। पुलिस ने जिले के 279 हिस्ट्रीशीटरों और सुपरवाइजर बदमाशों की पहचान की है और उन्हें दो रास्तों में से एक चुनने का विकल्प दिया गया है — अपराध छोड़कर रोज़गार अपनाना, या फिर कानूनी कार्रवाई का सामना करना। पुलिस अधीक्षक कुमार चिंता ने कहा कि इस योजना की नींव “पुलिस समन्वय” की अवधारणा पर रखी गई है। इसके तहत पुलिस सिर्फ अपराध रोकने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज सुधार की प्रेरक शक्ति बनेगी।
पुलिस विभाग ने रोजगार कार्यालयों, औद्योगिक इकाइयों और स्वयंसेवी संगठनों से संपर्क कर यह सुनिश्चित करने का प्रयास शुरू किया है कि अपराध की राह छोड़ने वालों को सम्मानजनक रोजगार मिले। एसपी ने कहा, “जो लोग अपराध से दूर होकर मेहनत से जीना चाहते हैं, उन्हें हम पूरा सहयोग देंगे। लेकिन जो अपराध को ही अपनी पहचान बनाए रखना चाहते हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कई हिस्ट्रीशीटरों ने इस पहल में रुचि दिखाई है और कुछ को रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। ‘ऑपरेशन प्रस्थान’ न केवल अपराधियों के सुधार की दिशा में कदम है, बल्कि यह समाज के लिए एक संदेश भी है — डर से नहीं, अवसर से बदलाव आता है।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि अगर ऐसे लोग रोजगार और आत्मसम्मान के रास्ते पर लौटते हैं, तो जिले में अपराध दर में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।








