नागपूर :- विदर्भ डर्मेटोलॉजिकल सोसायटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (MMC) के प्रशासक डॉ. विंकी रुघवानी से मुलाकात की और महाराष्ट्र में अवैध रूप से त्वचा और सौंदर्य संबंधी प्रक्रियाएं करने वाले अपंजीकृत और अयोग्य व्यक्तियों की बढ़ती संख्या को लेकर गहरी चिंता जताई। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सोसायटी की अध्यक्ष डॉ. आसरा खुमुशी ने किया।
इस दौरान सोसायटी के प्रतिनिधियों ने कई ऐसे मामलों को उजागर किया जिनमें प्रशिक्षित न होने के बावजूद और बिना किसी वैध चिकित्सा योग्यता के, कुछ गैर-चिकित्सकीय संस्थाएं व व्यक्ति लेज़र थेरेपी, बोटॉक्स, फिलर्स और केमिकल ट्रीटमेंट जैसी जटिल प्रक्रियाएं कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ न केवल रोगियों की सुरक्षा के लिए खतरनाक हैं, बल्कि जन-स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करती हैं। इस विषय में सोसायटी ने एक विस्तृत ज्ञापन MMC को सौंपा और तत्काल नियामकीय कार्रवाई व जनजागरूकता बढ़ाने की मांग की।
डॉ. विंकी रुघवानी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल इस गंभीर समस्या से पूरी तरह अवगत है और इस प्रकार की गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी।
डॉ. रुघवानी ने कहा कि काउंसिल को यह गहरी चिंता है कि अपंजीकृत और अयोग्य व्यक्ति बिना किसी वैध चिकित्सा प्रशिक्षण के त्वचा और सौंदर्य संबंधी प्रक्रियाएं कर रहे हैं, जिससे रोगियों की जान जोखिम में पड़ रही है और चिकित्सा पेशे की गरिमा को ठेस पहुँच रही है।
उन्होंने बताया कि काउंसिल नैतिक चिकित्सा मानकों को बनाए रखने और जन-स्वास्थ्य की रक्षा के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। साथ ही, उन्होंने यह भी जानकारी दी कि MMC द्वारा नागरिकों को डॉक्टरों की पहचान और उनकी पंजीकरण स्थिति सत्यापित करने के लिए ‘नो यूअर डॉक्टर क्यूआर कोड’ पहल शुरू की गई है, जिसे MMC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर उपयोग किया जा सकता है।
प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष डॉ. आसरा खुमुशी, डॉ. विक्रांत सावजी, डॉ. रिजवान हक, डॉ. अंशुल जैन, डॉ. आशीष पिंपळे, डॉ. धनराज पाटील, डॉ. ईशा अग्रवाल, डॉ. मोहन शेंडे, डॉ. नितीन बरडे, डॉ. रियाज अमीर, डॉ. सौरभ जैस्वाल, डॉ. शुभम चोपडा, डॉ. विनोद तितरमारे, डॉ. विशाल चड्ढा, डॉ. शशांक बन्सोड, डॉ. सुमित जग्यासी, और डॉ. जेरिल बनाईत शामिल थे।




