नागपुर, १२ : कि भारत का हर नागरिक पौधारोपण करे। दीनदयाल शोध संस्था के बाल जगत और आत्मस्पर्श चैरिटेबल ट्रस्ट, नागपुर ने मिलकर बाल जगत परिसर में प्रत्येक स्वयंसेवक और प्रतिभागी की माँ की स्मृति में 40 से अधिक पौधे लगाए।
इस अभियान का उद्देश्य स्पष्ट है कि “एक पेड़ माँ के नाम” हमारी मातृभूमि और प्रकृति के प्रति सम्मान और समर्पण को दर्शाता है। इस अभियान का उद्देश्य माँ के नाम पर एक पेड़ लगाना और एक स्थायी स्मृति बनाना है, जो न केवल पर्यावरण की रक्षा करेगा बल्कि एक हरित और समृद्ध भविष्य के निर्माण में भी योगदान देगा। माँ और प्रकृति दोनों ही जीवन का मूल आधार हैं और इस पहल के माध्यम से हम अपनी जिम्मेदारी निभा रहे पौधारोपण करते समय तुलसी, अश्वगंधा, गिलोय, आंवला, शतावरी, हरड़ आदि औषधीय पौधे लगाए गए ताकि बच्चे और उनके परिवार जब भी बाल जगत आएं तो उन्हें आयुर्वेदिक पौधों के बारे में जानकारी मिले।
इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्ति थे, श्रीमती मीराताई खड़क्कर अध्यक्ष बालजगत, डॉ. अभिरुचि पलसापुरे अध्यक्ष आत्मसस्पर्श चैरिटेबल ट्रस्ट, प्रशांत देशपांडे सचिव बलजगत, अभिनंदन पलसापुरे सचिव आत्मस्पर्शा, सतीश मराठे, प्रशांत अत्रे, संजय फाटक, अशोक शेवाड़े, अशोक काशीकर, सुनील चावरे, शरद पेडगे, निकिता लुटे, नीरजा कवीश्वर, सयाली जाटकर, गणेश पोल, माणिक तिवाडे, सुनील उमाठे, अविांश बजुजवार, स्वयंसेवक निकिता चावरे, रानी और रक्षिता।





