– दो छात्रों की मौत के मामले में कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका ठुकराई
नागपुर :- कलमना क्षेत्र में 12 अगस्त को हुए सड़क हादसे में दो नाबालिग छात्रों की मौत के मामले में आरोपी नाबालिग चालक के माता-पिता को अदालत से राहत नहीं मिली। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. ए.ए. जोगलेकर ने आनंद ईश्वरदास बेहार और सोनाली आनंद बेहार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
मामले की जानकारी के अनुसार, तीन नाबालिग छात्र दोस्त का जन्मदिन मनाने के लिए कार से निकले थे। भरतवाड़ा टी-पॉइंट पर मोड़ लेते समय कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई। हादसे में भौमिक लारोकर (16) और सागर मेलवानी (17) की मौत हो गई, जबकि कार चला रहा मिहिर आनंद बेहार (17) घायल हो गया। इसके बाद कलमना पुलिस ने मिहिर के माता-पिता के खिलाफ मामला दर्ज किया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता प्रकाश जायसवाल ने दलील दी कि मिहिर ने माता-पिता की अनुमति के बिना कार निकाली थी, इसलिए हादसे में उनकी प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है। वहीं, सरकारी पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि हादसे के बाद घर के सीसीटीवी फुटेज और नाबालिग की रैश ड्राइविंग से संबंधित सोशल मीडिया वीडियो हटाए गए। अभियोजन ने यह भी दावा किया कि मिहिर करीब एक वर्ष से कार चला रहा था और इसकी जानकारी उसके माता-पिता को थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया सामग्री हटाए जाने के आरोप गंभीर हैं। अदालत ने मामले की जांच के लिए माता-पिता से हिरासत में पूछताछ को आवश्यक मानते हुए उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।





