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महाराष्ट्र ने 45,911 सौर पंप लगाकर बनाया विश्व रिकॉर्ड

<p><strong>&&num;8211&semi; सीएम फडणवीस का बड़ा ऐलान<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p><strong>नागपुर &colon;-<&sol;strong> देश में कृषि क्षेत्र में सबसे अधिक सौर ऊर्जा का उपयोग करने वाला महाराष्ट्र राज्य प्रथम बना है। किसानों के लिए फीडर पूर्णतः सौर ऊर्जा पर आधारित कर 16 हजार मेगावॉट स्वतंत्र उत्पादन क्षमता विकसित की जाएगी। इससे अन्य उपयोग के लिए बिजली दरों में हर वर्ष 3 प्रतिशत की कमी कर उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली दी जा सकेगी। यह आश्वासन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज यहां दिया। &OpenCurlyDoubleQuote;जो मांगेगा उसे कृषि पंप” योजना के तहत महाराष्ट्र ने विश्वविक्रम स्थापित किया है। महावितरण ने मात्र एक महीने में 45&comma;911 सौर कृषि पंप स्थापित करके नया रिकॉर्ड बनाया है। इस उपलब्धि की गिनीज बुक में अधिकृत दर्ज हुई है। प्रमाणपत्र प्रदान समारोह छत्रपति संभाजी नगर के शेंद्रा एमआईडीसी स्थित ऑरिक सिटी मैदान में आयोजित किया गया।<&sol;p>&NewLine;<p><strong>मुख्यमंत्री संग अतुल मंत्री सावे रहे उपस्थित<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड के प्रतिनिधि कालं सैबेले ने औपचारिक घोषणा कर यह विश्वविक्रम प्रमाणित किया। कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री अतुल सावे&comma; राज्यमंत्री मेघना साकोरे बोर्डीकर&comma; विधायक संजय केणेकर&comma; विधायक अनुराधा चव्हाण&comma; नारायण कुचे&comma; प्रशांत बंब&comma; सुरेश धस&comma; मुख्यमंत्री आर्थिक सलाहकार प्रवीण परदेशी&comma; ऊर्जा विभाग की अपर मुख्य सचिव आभा शुक्ला&comma; महावितरण के अध्यक्ष लोकेश चंद्रा&comma; जॉइंट एमडी आदित्य जीवने&comma; ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा अभिनेता संदीप पाठक&comma; योगेश शिरसाट आदि मान्यवर उपस्थित थे। फडणवीस ने कहा कि बढ़ते सौर ऊर्जा उपयोग से राज्य 16&comma;000 मेगावाट प्रदूषणमुक्त बिजली उत्पादन कर सकता है।<&sol;p>&NewLine;<p><strong>गिनीज बुक के प्रतिनिधि सैबेले ने की घोषणा<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री फडणवीस के हाथों राज्य में स्थापित सौर पंपों के डिजिटल लोकार्पण से हुई इसके बाद उन्होंने लाभार्थी किसानों से डिजीटल प्रणाली के माध्यम से संवाद साधा। तत्पश्चात निरीक्षक कार्ल सेबेले ने घोषणा की कि रिकॉर्ड के लिए 35&comma;000 पंपों की आवश्यकता थी। लेकिन महाराष्ट्र ने 45&comma;911 पंप स्थापित किए हैं&comma; जो विश्वविक्रम है। उन्होंने बताया कि हर पंप की स्थापना से लेकर चालू होने तक की प्रक्रिया की प्रत्यक्ष जांच के बाद ही इस रिकॉर्ड को मान्यता दी गई है। कार्यक्रम में एआईआईएम बैंक के साथ आर्थिक करार पर भी हस्ताक्षर किए गए। फडणवीस ने राज्य सरकार के के वर्षपूर्ती पर जनता का आभार मानते हुए कहा कि यह वर्ष जनसेवा को समर्पित रहा। जीवन में मूलभूत परिवर्तन लाने वाले अनेक योजनाएं लागू की गईं। &OpenCurlyDoubleQuote;महाराष्ट्र थमेगा नहीं&comma; लगातार आगे बढ़ेगा&comma; ऐसा विश्वास उन्होंने व्यक्त किया। आज देश में स्थापित 7 लाख सौर कृषिपंपों में सर्वाधिक हिस्सा महाराष्ट्र का है।<&sol;p>&NewLine;<p><strong>सौर ऊर्जा से 16&comma;000 मेगावॉट उत्पादन क्षमता<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>इसकी लागत कम होने से उद्योग तथा घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली सस्ती मिलेगी। &OpenCurlyDoubleQuote;हर वर्ष बिजली दरों में 3 प्रतिशत कमी करेंगे। यह आश्वासन सीएम फडणवीस ने दिया। मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से उपकरण निर्माण कंपनियां&comma; विक्रेता&comma; तकनीशियन&comma; रखरखाव कर्मचारी इस क्षेत्र में करीब 1 लाख लोगों को रोजगार मिला है। यह योजना ऊर्जा क्षेत्र को नई दिशा देने वाली है। मराठवाड़ा क्षेत्र का विशेष उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के कार्यान्वयन में यह क्षेत्र सबसे आगे रहा। अकेले छत्रपती संभाजी नगर जिले में 14&comma;000 सौर पंप लगाए गए। नानासाहेब देशमुख कृषि संजीवनी योजना&comma; बाजार उपलब्धता&comma; नदी जोड़ परियोजना आदि के माध्यम से सरकार कृषि की दिशा में काम कर रही है।<&sol;p>&NewLine;