– ‘वंदे मातरम’ पर चर्चा आरएसएस को बेनकाब करने के लिए, उद्धव ठाकरे का आरोप
नागपुर :- भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 15० वीं वर्षगांठ के अवसर पर लोकसभा में 1० घंटे तक चर्चा हुई. इस चर्चा पर देशभर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, वहीं शिवसेना नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की कड़ी आलोचना की है. उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि वंदे मातरम पर हुई चर्चा का मकसद सिर्फ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को बेइज्जत करना था. उन्होंने यह भी कहा कि अमित शाह को मुझे हिंदुत्व सिखाने की जरूरत नहीं है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कांग्रेस और पंडित नेहरू पर हमारे राष्ट्रगान ‘वंदे मातरम’ को विकृत करने का आरोप लगाया. इसके जवाब में सांसद और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी-वड्रा ने वंदे मातरम की रचना से लेकर राष्ट्रगान घोषित होने तक की पूरी घटनाक्रम का वर्णन किया.
प्रियंका गांधी ने बताया कि कैसे गीत में धीरे-धीरे बदलाव आए, इसमें कड़वाहट भरी गई, स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इसका उपयोग हुआ और उस समय देश के प्रमुख नेताओं केइस पर क्या विचार थे. इससे देश में एक नई राजनीति की शुरुआत हो गई है. उद्धव ठाकरे ने संघ और भाजपा की आलोचना की है. वंदे मातरम गीत पर विवाद देश के राष्ट्रगान का अपमान है. क्या यह चर्चा वास्तव में संघ के कपड़े उतारने के बारे में है? उद्धव ठाकरे ने सवाल किया. उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी भाजपा नेताओं के गुरु हैं. कई लोग उन्हें आदर्श मानते हैं. हालांकि, वंदे मातरम पर चर्चा के दौरान उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बारे में कई बातें उजागर करने का साहस दिखाया है. मुखर्जी ने इस गीत का विरोध किया था. वे स्वयं मुस्लिम लीग के साथ गए थे. उन्होंने कई जगहों पर मुस्लिम लीग के साथ गठबंधन किया था. उद्धव ठाकरे ने यह भी आरोप लगाया कि वे देश में चल रहे ‘चले जाव’ आंदोलन के विरोधी थे. इसलिए, ठाकरे ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने इस चर्चा के माध्यम से श्यामा प्रसाद मुखर्जी की असलियत उजागर कर दी है. दिल्ली में नवगठित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय के लिए एक प्राचीन हिंदू मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया. इस बारे में कोई बात करने को तैयार नहीं है. गृह मंत्री अमित शाह इसे दबा रहे हैं. इसलिए उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा कि गृह मंत्री अमित शाह, जो मुस्लिम लीग के साथ गए और स्वतंत्रता संग्राम में उनका कोई दखल नहीं था, उन्हें मुझे हिंदुत्व सिखाने की जरूरत नहीं है.




