– बोरिंग के पानी में भी घुला ‘जहर’, 69 में से 35 सैंपल फेल
– भागीरथपुरा में 9416 लोगों की जांच
इंदौर :- इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 17 वीं मौत हुई है। रविवार तक आंकड़ा 16 मौतों का था। रिटायर्ड पुलिसकर्मी ओमप्रकाश शर्मा (69) मूलत: शिव विहार कॉलोनी धार के रहने वाले थे। वे अपने बेटे से मिलने इंदौर आए थे। उन्हें 1 जनवरी को उल्टी-दस्त के कारण एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। जांच में उनकी किडनी का खराब होना पाया गया। हालत और बिगड़ने पर 2 जनवरी को आईसीयू में एडमिट किया गया। दो दिन बाद वेंटिलेटर पर लिया गया। रविवार दोपहर 1 बजे उनकी मौत हो गई। परिजन ने बताया कि वे सिर्फ ब्लड प्रेशर के मरीज थे। दूषित पानी से उनकी किडनी खराब हो गई थी। इसके बाद हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। वहीं, बॉम्बे हॉस्पिटल में 11 मरीज आईसीयू में भर्ती थे, जिनमें से 4 मरीजों को वार्ड में शिफ्ट कर दिया है। रविवार रात तक की स्थिति में 7 मरीजों का आईसीयू में इलाज चल रहा है। अब तक कुल 398 मरीज अस्पतालों में भर्ती किए गए, जिनमें से 256 को डिस्चार्ज किया जा चुका है। वर्तमान में विभिन्न अस्पतालों में 142 मरीजों का इलाज जारी है।
पाइपलाइन की मरम्मत का काम तेजी से जारी
भागीरथपुरा इलाके में पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य तेजी से चल रहा है। बोरिंग में भी लीकेज की जांच की जा रही है। रहवासी ललित ने बताया कि फिलहाल पीने के पानी की आपूर्ति टैंकरों के माध्यम से की जा रही है। साफ पानी की मांग को देखते हुए अब गलियों में बिसलरी से भरी गाड़ियां भी घूमने लगी हैं।
69 में से 35 सैंपल फेल
इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा के अनुसार, बोरिंग के पानी के कुल 69 सैंपल लिए गए थे, जिसमें से 35 सैंपल पास नहीं हुए हैं। सैंपल की जांच नगर निगम की मूसाखेड़ी स्थित लैब में हुई। 35 सैंपलों में भी फीकल कोलिफार्म बैक्टीरिया पाए गए हैं।
पानी में घुला बैक्टीरिया
विशेषज्ञों का कहना है कि फीकल कोलिफार्म बैक्टीरिया सीवेज ओवरफ्लो, अनुपचारित सीवेज डिस्चार्ज, सेप्टिक टैंक खराब होने की स्थिति में पानी में प्रवेश करता है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि शायद ड्रेनेज चैंबरों का सीवेज लीक कर रहा है और रिसाव के कारण मल बैक्टीरिया युक्त पानी बोरिंग के पानी में भी घुल रहा है।
150 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती
भागीरथीपुरा में 600 से ज्यादा बोरिंग की गई हैं, जिनके पानी पर कई परिवार निर्भर हैं। ऐसे में गंदा पानी पीने के कारण भारी संख्या में लोग उल्टी और दस्त जैसी परेशानियों का शिकार हो रहे हैं। 150 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से 20 लोगों की हालत गंभीर है और उन्हें ICU में रखा गया है।




