नागपुर :- अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायाधीश (अनु. जाति जमाति अत्याचार प्रतिबंध कानून) जेए शेख की कोर्ट ने 19 वर्षीय युवती के विनयभंग के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई. दोषी का नाम सोनेगांव निवासी दिलीप दशरथ वैरागडे (54) है. जानकरी के अनुसार, मामला नंदनवन थाना क्षेत्र में 26 दिसंबर 2019 का है. वैरागडे और पीड़िता के बीच पुरानी पहचान थी. ऐसे में उक्त तारीख को शाम करीब 5 बजे वैरागडे ने उसे अपनी कार में बैठाकर कहा कि तू मुझे पसंद है. इसके साथ ही उसने पीड़िता से अश्लील बातें करके उसका विनयभंग किया. साथ ही किसी को यह न बताने के लिए धमकाया भी. पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर 1 जनवरी 2020 को गिरफ्तार कर लिया. पीड़िता अनुसूचित जाति जमाती से होने के कारण एट्रोसिटी एक्ट की धारा भी जोड़ी गई. 5 वर्ष तक चली सुनवाई के कोर्ट ने वैरागडे को दोषी करार दिया और एट्रोसिटी के तहत एक वर्ष का सश्रम कारावास व 5,000 रुपये का जुर्माना ठोका. जुर्माना न भरने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.








