– 582 करोड़ का खरीदा धान लेकिन फूटी कौड़ी का भी नहीं किया भुगतान
गोंदिया :- जिले में जिला मार्केटिंग फेडरेशन एवं आदिवासी विकास महामंडल के माध्यम से सहकारी समितियों द्वारा संचालित केंद्रों पर धान की शासकीय खरीदी की जाती है। इस वर्ष मार्केटिंग फेडरेशन के 188 धान खरीदी केंद्रों पर अपने धान की बिक्री करने के लिए 1 लाख 29 हजार 979 किसानों ने अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाया था। पिछले दो माह से अधिक समय से इन 188 केंद्रों पर धान की खरीदी हो रही है। अब तक रजिस्टर्ड किसानों में से 77 हजार 730 किसानों से कुल 24 लाख 57 हजार 503 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। केंद्र सरकार द्वारा घोषित समर्थनमूल्य 2369 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदे गए धान की कीमत 582 करोड़ 18 लाख 26 हजार 502 रुपए होती है। लेकिन किसानों को अब तक धान खरीदी के एवज में शासन की ओर से एक रुपए का भी भुगतान नहीं किया गया है। जिससे किसान आर्थिक संकट में है। इन दिनों धान उत्पादक किसान धान की रोपाई कर रहे हैं। ऐसे में उनको रुपए की आवश्यकता होती है। लेकिन अब तक रजिस्टर्ड किसानों में से लगभग 60 प्रतिशत किसानों ने ही अपने धान की बिक्री की है। लेकिन भुगतान अटक जाने के कारण अब वे आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं उन्हें अपनी तात्कालिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए हैं और रिश्तेदारों अथवा साहुकारों से कर्ज लेने की नौबत आन पड़ी है। किसानों ने शासन से जल्द से जल्द सरकारी धान खरीदी केंद्रों पर बेचे गए अपने धान का भुगतान किए जाने की मांग की है।
राशि मिलते ही होगा भुगतान
मार्केटिंग फेडरेशन के 188 केंद्रों पर धान की प्रत्यक्ष खरीदी का काम चल रहा है। अब तक 24 लाख 57 हजार 503 क्विंटल धान की खरीदी इन केंद्रों पर हो चुकी है। लेकिन शासन से निधि प्राप्त नहीं होने के कारण भुगतान नहीं हो पाया है। निधि प्राप्त होते ही किसानों के खाते में ऑनलाइन भुगतान की राशि डाली जाएगी।




