नागपुर :- कल रात नागपुर -मुंबई रेल लाइन पर किसी ट्रेन ने एक बाघ को टक्कर मारने से उसकी मौत होने से खलबली मची. बुधवार की सुबह केरला एक्सप्रेस के ड्राइवर ने मृत बाघ के शव को देखा. घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम घटनास्थल पहुंची. मृत बाघ को सेमिनरी हिलस सित ट्रांझिट ट्रीटमेंट सेंटर लाया गया. जहां उसका पोस्टमार्टम किया गया. नागपुर जिले में टे्रन की टक्कर से बाघ की मौत होने की यह पही घटना है.
चंद्रपुर जिले में टे्रन की टक्कर से बाघ की मौत हाने की घटनाएं अनेक बार हुई है. तमिलनाडू में टे्रन की टक्कर से हाथियों की मौत की घटनाएं होती है. इसलिए वहां अलर्ट सिस्टम लगाई गई है. अब चंद्रपुर जिले में भी यही प्रयोग किया जानेवाला है. सडक़, रेलवे मार्ग यह वन्यजीव अधिवास से जाने से वाहनों की, टे्रन की टक्कर से वन्यजीवों की मौतें होती है. विकास प्रकल्पों से वन्यजीवों के अधिवास खंडि़त हुए है. बूटीबोरी परिसर यह बाघ और वन्यजीवों का कॉरिडॉर है. इसी कॉरिडॉर का वे उपयोग करते है. नागपुर और वर्धा जिले से बाघ स्थलांतरित हुए है और हो रहे है. बूटीबोरी परिसर में बाघ भी दिखाई दिया था.
टे्रन दुर्घटना से होनेवाले वन्यजीवों का मृत्यु दर कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में राज्य के सभी संवेदनशील रेलवे मार्गों में से एक ब्रम्हुपरी-चंद्रपुर रेल मार्ग पर पूर्वसूचना प्रणाली क्षेत्र में परिक्षण शुरू हुए है. राज्य के वनविभाग ने वन्यजीवों के संवर्धन के लिए काम करनेवाले वन्यजीव संरक्षण ट्रस्ट को यह प्रणाली स्थापित करने अनुमति दी है. इस संस्था ने वनविभाग से इस प्रणाली के लिए प्रस्ताव दिया था. उसे राज्य के मुख्य वन्यजीव रक्षकों ने अनुमति दी. इसलिए इस मार्ग पर भी ऐसी ही प्रणाली स्थापित करने का समय आनेवाला है.




