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एसएससी परीक्षा केंद्र साखरीटोला में मूलभूत सुविधाओं का अभाव

– 175 विद्यार्थी गर्मी, पानी की कमी और बिजली कटौती के बीच दे रहे परीक्षा

सालेकसा :- महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षण मंडळ द्वारा आयोजित एसएससी बोर्ड परीक्षा 20 फरवरी 2026 से शुरू है. इसी क्रम में सालेकसा तहसील के जिला परिषद हाईस्कूल एवं कनिष्ठ महाविद्यालय, साखरीटोला स्थित परीक्षा केंद्र क्रमांक 2130 पर 175 विद्यार्थी दसवीं की परीक्षा दे रहे हैं. हालांकि इस केंद्र पर मूलभूत भौतिक सुविधाओं के अभाव के कारण विद्यार्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

परीक्षा केंद्र पर स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था नहीं है.कई परीक्षा कक्षों में पंखे खराब पड़े हैं, जिससे बढ़ती गर्मी में विद्यार्थियों को पसीने से तरबतर होकर पेपर लिखना पड़ रहा है. बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित हो रही है और वैकल्पिक जनरेटर की कोई व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण विद्यार्थियों को कई बार कम रोशनी में परीक्षा देनी पड़ी.4 मार्च 2026 को हिंदी विषय की परीक्षा के दौरान लगभग दो घंटे तक बिजली गुल रही. वैकल्पिक व्यवस्था न होने से विद्यार्थियों को अत्यधिक गर्मी और असुविधा के बीच परीक्षा पूरी करनी पड़ी.जानकारी के अनुसार पर्यवेक्षकों के बैठने के लिए भी पर्याप्त कुर्सियों की व्यवस्था नहीं है, जिससे उन्हें लंबे समय तक खड़े रहकर ड्यूटी करनी पड़ रही है. प्राचार्य परदेशी सर द्वारा परीक्षा को तनावमुक्त एवं नकलमुक्त वातावरण में संपन्न कराने की जिम्मेदारी आर. बी. कटरे को सौंपी गई है तथा उन्हें आंतरिक परीक्षक नियुक्त किया गया है। किंतु उनकी कार्यप्रणाली को लेकर भी कुछ विद्यार्थियों ने नाराजगी जताई है.

विद्यार्थियों का कहना है कि प्रश्नपत्र शुरू होने के एक घंटे बाद ही केवल एक घंटे की अवधि में शौचालय जाने की अनुमति दी जाती है.उससे पहले या बाद में शौचालय जाने पर रोक लगाई जाती है.इससे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है.

इसके अलावा गूगल मीट कैमरे के माध्यम से परीक्षा की निगरानी की जा रही है. यदि डेटा पैक समाप्त हो जाता है तो पर्यवेक्षकों को स्वयं तत्काल रिचार्ज कराने के निर्देश दिए जाते हैं. तकनीकी समस्या के कारण रिचार्ज न होने पर आगामी पेपर की ड्यूटी से वंचित करने की चेतावनी दिए जाने की भी जानकारी सामने आई है.

दसवीं की बोर्ड परीक्षा विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जाती है. ऐसे में परीक्षा केंद्र पर आवश्यक सुविधाएं और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना संबंधित प्रशासन की जिम्मेदारी है. साखरीटोला केंद्र की स्थिति को देखते हुए अभिभावकों और नागरिकों ने शिक्षा विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है.

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