– ऊंचाई अवरोधक तोड़ने वालों से वसूला जाएगा पूरा नुकसान, जनाक्रोश की सिफारिश
स्पीड ब्रेकर, CCTV और चेतावनी संकेतों से बढ़ेगी फ्लाईओवर की सुरक्षा
नागपुर :- सीताबर्डी फ्लाईओवर के दोनों सिरों पर लेजर बीम और ऊंचाई अवरोधक लगाने से भारी वाहनों को फ्लाईओवर पार करने से रोका जा सकता है. ये सुझाव जनाक्रोश द्वारा दिए गए हैं, जो सडक़ सुरक्षा उपायों के क्षेत्र में लगातार काम कर रहा है.
लोक निर्माण विभाग की विश्व बैंक इकाई सीताबर्डी फ्लाईओवर पर ऊंचाई अवरोधक लगाती है, लेकिन अगले ही दिन भारी वाहन उन्हें क्षतिग्रस्त कर देते हैं. यह एक नियमित समस्या बन गई है. क्षतिग्रस्त होने के बाद भी भारी वाहन फ्लाईओवर पर चलते रहते हैं, जिससे न केवल अन्य यात्रियों को बल्कि फ्लाईओवर की संरचना को भी खतरा होता है. इस समस्या को रोकने के लिए, पीडब्ल्यूडी और शहर की पुलिस ने एक उपाय निकाला था.
इस समस्या को समाप्त करने के लिए, पिछले सप्ताह पीडब्ल्यूडी, पुलिस और अन्य हितधारकों के अधिकारियों और जनाक्रोश के दो प्रतिनिधियों प्रकाश खांडेकर और डॉ. अशोक करंदीकर को शामिल करते हुए एकबैठक बुलाई गई थी. इस बैठक में खांडेकर और करंदीकर ने सुझाव प्रस्तुत किए.
जनाक्रोश द्वारा सुझाव दिया गया है कि सीताबर्डी फ्लाईओवर की ओर जाने वाले यातायात की गति को कम करने के लिए रहाटे कॉलोनी चौक के ठीक बाद स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं. ऊंचाई अवरोधक पर और उसके आस-पास लेजर बीम 3 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले वाहन के चालक को चेतावनी देगी, यदि वह फ्लाईओवर से आगे बढऩा चाहता है.
उन दोनों ने यह भी सुझाव दिया कि ऊंचाई अवरोधकों पर होने वाला पूरा खर्च उस वाहन के मालिक को वहन करना चाहिए जो ऊंचाई अवरोधक का उल्लंघन करता है.
जनक्रोश टीम ने सुझाव दिया, यातायात के एक छोर, यानी रहाटे कॉलोनी छोर, मॉरिस कॉलेज छोर पर भी वैसा ही काम करना होगा. जैसा कि स्पष्ट है, इसके लिए एक बहुआयामी कार्य योजना की आवश्यकता होगी.
डॉ. करंदीकर ने समझाया कि, आईआरसी दिशानिर्देशों के अनुसार सुरक्षा संकेत लगाए जाएं, जिनमें आगे स्पीड ब्रेकर, गति सीमा, भारी वाहनों का निषेध, साइकिल चालकों का निषेध, ओवरटेकिंग निषेध और ऊंचाई जैसी जानकारी शामिल है.
आगे का बैरियर सडक़ के बाईं ओर स्थित होना चाहिए. सडक़ के डिवाइडर पर सडक़ के दाईं ओर भी सुरक्षा संकेतों का एक समान सेट लगाया जाना चाहिए. भारत में हम दाएं हाथ से चलने वाले वाहन चलाते हैं और दाईं ओर लगा सुरक्षा संकेत चालकों को आसानी से दिखाई देगा.
ओवरस्पीडिंग का पता लगाने के लिए सभी फ्लाईओवरों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं. सुरक्षा संकेत, कैमरे और ऊंचाई अवरोधकों पर चमकती बत्तियां लगाई जाए. ये फ्लाईओवर पर भारी वाहनों के प्रवेश को रोकने में सहायक होंगे.
खंडेकर ने विस्तार से बताया, आईआरसी मानकों के अनुसार हंप-टाइप स्पीड-ब्रेकर वाहन को नुकसान नहीं पहुंचाते, बल्कि ड्राइवर को नींद से जगाकर गति धीमी करने के लिए मजबूर करते हैं। रंबलस्ट्रिप्स अक्सर ड्राइवर को सचेत करने में विफल रहते है.
जनाक्रोश ने कठोर दंडात्मक कार्रवाई की सिफारिश की जिससे उल्लंघनकर्ता यातायात नियमों का सम्मान करें. यदि कोई वाहन सरकारी संपत्ति जैसे ऊंचाई अवरोधक, सुरक्षा चिह्न, कैमरे, लेजर इंस्टॉलेशन आदि को नुकसान पहुंचाता है, तो चालक को नुकसान की पूरी भरपाई के आधार पर मरम्मत का खर्च वहन करना चाहिए ताकि उल्लंघन को हतोत्साहित किया जा सके.
3 मीटर ऊंचाई पर लेजर अलार्म
यह पर्यावरण कानूनों में प्रदूषक भुगतानकर्ता के सिद्धांत केसमान होगा. सुझाव दिया गया कि 3 मीटर की ऊंचाई पर घंटी के साथ एक लेजर बीम स्थापित की जा सकती है, ताकि जब कोई वाहन उसके ऊपर से गुजरे तो वह तेज आवाज करे और चालक को गति धीमी करने के लिए सचेत करे। 3 मीटर से कम ऊंचाई वाले वाहनों के गुजरने पर लेजर बीम काम नहीं करेगी. इससे फ्लाईओवर पर भारी वाहनों का प्रवेश रुकेगा और ऊंचाई अवरोधक को किसी भी प्रकार की क्षति से बचाया जा सकेगा. साथ ही, यातायात पुलिस भारी वाहनों के चालकों को फ्लाईओवर का उपयोग करने से रोकने के लिए सतर्क कर सकेगी.



