– जलजीवन मिशन के लंबित प्रकल्पों को जीवनदान
नागपुर :- महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार के जलशक्ति मंत्रालय के बीच सामंजस्य करार होने से जलजीवन मिशन के लंबित प्रकल्पों को जीवनदान मिला है। जलजीवन मिशन के जिले में 1302 काम मंजूर हैं। उसमें से 500 से अधिक काम लंबित हैं। केंद्र सरकार से निधि नहीं मिलने के कारण लड़खड़ाई योजना को इसका लाभमिलने की उम्मीद जगी है।
हाल ही में दिल्ली में जलशक्ति मंत्रालय के साथ राज्य सरकार ने सामंजस्य करार कर ग्रामीण क्षेत्र में दिसंबर 2028 तक हर घर नल से जल का लक्ष्य रखा है। ग्रामीण जलापूर्ति योजना का सक्षम संचालन व देखभाल सुनिश्चित करना इसके पीछे मुख्य उद्देश्य है।
जलजीवन मिशन के पहले चरण की डेडलाइन दिसंबर 2024 निर्धारित की गई थी। उसे तीन बार बढ़ाई गई। मार्च 2025 में डेडलाइन समाप्त हो गई। समयसीमा का पालन नहीं करने पर जिन कामों की शुरुआत नहीं हुई, उसे निधि देने से केंद्र सरकार ने हाथ खड़े कर देने पर अनेक योजनाएं ठंडे बस्ते में पड़ गई। जलशक्ति मंत्रालय के साथ सामंजस्य करार होने पर ठंडे बस्ते में पड़ी योजनाओं को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगी है।
दिसंबर 2028 तक ग्रापं को हस्तांतरण
सामंजस्य करार में ग्राम पंचायतों को दिसंबर 2028 तक जलापूर्ति योजना के हस्तांतरण का लक्ष्य रखा गया है। जलजीवन मिशन के कामों का प्रभावी अमल, देखरेख तथा पायाभूत सुविधा पूरी कर गांव में हर घर जल प्रमाणिकरण साध्य करना होगा। जलापूर्ति योजना का सक्षम संचालन व देखभाल सुनिश्चित कर जिला व राज्य स्तर पर संरचनात्मक सुधार के लिए पेयजल शाश्वतता प्रारूप स्वीकृत करने की सामंजस्य करार में शर्त रखी गई है।



