– एक साल में 9.46 करोड़ रुपये की अनियमितताएं उजागर
नागपुर :- महावितरण के सुरक्षा एवं प्रवर्तन विभाग के अंतर्गत कार्यरत फ्लाइंग स्क्वाड ने नागपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली चोरी के खिलाफ अभियान चलाकर एक वर्ष में बड़ी सफलता हासिल की है. अप्रैल 2०25 से मार्च 2०26 तक के वित्तीय वर्ष में लगभग 9 करोड़ 46 लाख 5 हजार रुपये बिजली चोरी और अनियमितताओं का पर्दाफाश हुआ है. इस मामले में सख्त कदम उठाए गए हैं और विभिन्न पुलिस स्टेशनों में 51 उपभोक्ताओं के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं.
इस विशेष अभियान में, उडऩ दस्ते ने 331 उपभोक्ताओं से बिजली की प्रत्यक्ष चोरी का पर्दाफाश किया. विद्युत अधिनियम 2००3 की धारा 135 के तहत चलाए गए इस अभियान में, 3.2०6 मिलियन यूनिट बिजली चोरी के लिए 6 करोड़ 57 लाख 84 हजार रुपये मामले सामने आए हैं. महावितरण ने न केवल चोरी, बल्कि बिजली के अनधिकृत उपयोग और स्वीकृत भार से अधिक उपयोग पर भी ध्यान केंद्रित किया है. धारा 126 के तहत ऐसे 46 मामले दर्ज किए गए हैं..164 मिलियन यूनिट बिजली की खपत के लिए 22 लाख 68 हजार रुपये अनियमितताएं सामने आईं. इसके अलावा, 54 अन्य मामलों में भी अनियमितताएं पाई गईं. 6.629 मिलियन यूनिट बिजली की खपत के लिए 2 करोड़ 65 लाख 53 हजार रुपये भुगतान वसूल कर लिया गया है. इन सभी गतिविधियों से निर्धारित 9 करोड़ 46 लाख 5 हजार रुपये में से 6 करोड़ 20 लाख 24 हजार रुपये वसूल किए जा चुके हैं. महावितरण द्वारा बरामदगी सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है. इस बीच, विभिन्न पुलिस स्टेशनों में 51 ग्राहकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं.
महावितरण ने चोरी की गई राशि और जुर्माने का भुगतान करने से इनकार करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की है. बिजली की चोरी न केवल एक अपराध है, बल्कि एक सामाजिक अपराध भी है, जिससे वितरण घाटा बढ़ता है और ईमानदार उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ पड़ता है. महावितरण ने इसे रोकने के लिए जनता से सहयोग की अपील की है. महावितरण ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी की जानकारी देने वाले व्यक्ति का नाम गोपनीय रखा जाएगा और उन्हें आकर्षक पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा.
यह सफल अभियान महावितरण के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक लोकेश चंद्र, कार्यकारी निदेशक (सुरक्षा एवं प्रवर्तन) अपर्णा गीते, मुख्य अभियंता दिलीप दोडके और उप निदेशक सुनील थापेकर के मार्गदर्शन में कार्यान्वित किया गया. इसमें अतिरिक्त कार्यकारी अभियंता वैभव नारखेड़े, सहायक अभियंता आशीष चोठे, सहायक सुरक्षा एवं प्रवर्तन अधिकारी विश्वनाथ बिसने , वरिष्ठ तकनीशियन राजेश मोरिया और वैशाली बारलिंगे की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.








