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अधिग्रहण की कार्रवाई लटकी

– प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल

नागपुर :- सीएम की सिटी व गडकरी के गढ़ में एक रोड के निर्माण कार्य ने नाक में दम कर रखा है. पुराना भंडारा रोड पर न जाने क्यों फिर अधिग्रहण की कार्रवाई लटका दी गई है. इस रोड में अधिग्रहित की गईं संपत्तियों पर फरवरी 2026 में कब्जाधारकों से कब्जा लेने की कार्रवाई मनपा प्रशासन ने शुरू की थी. 3 दिन धड़ाकेदार कार्रवाई हुई. अनेक मकान-दुकानों के बाधित हिस्सों को ध्वस्त किया गया. स्वयं तत्कालीन जिलाधिकारी और मनपा की अतिरिक्त आयुक्त द्वारा निरीक्षण करने के बाद तेजी से काम शुरू हुआ था लेकिन अब भूमि अधिग्रहण करने का यह काम धीमा पड़ गया है. संबंधित अधिकारी ने कुछ दिन पूर्व बताया था कि 22 अप्रैल से काम में फिर गति आएगी लेकिन कोई एक्शन शुरू ही नहीं हुआ. जिन संपत्तिधारकों ने भूमि का मुआवजा ले लिया है उनकी भूमि का कब्जा अब तक मनपा ने क्यों नहीं लिया यह सवाल खड़ा हो गया है. मध्य नागपुर विकास आघाड़ी के भूषण दड़वे ने मांग की है कि जिन मकानधारकों ने मुआवजा ले लिया है उन पर सख्त कार्रवाई कर उनकी भूमि मनपा अपने कब्जे में ले.

किया जा रहा टाइमपास : प्रशासन की लेटलतीफी के चलते संदेह हो रहा कि कहीं टाइमपास तो नहीं किया जा रहा. कुछ सम्पत्तिधारकों ने मुआवजा लेने के बाद लिखित रूप में जिलाधिकारी कार्यालय में सूचना दी है कि कुछ विवाद के कारण हम मकान को तोड़ने में असमर्थ हैं, अतः आप स्वयं होकर हमारा मकान तोड़ें लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है. भूमि अधिग्रहण करने के नोटिस के बाद भी अनेक मकानधारकों ने मुआवजा लेने के लिए अभी तक कुछ भी क्लेम नहीं किया है, न ही मकान तोड़ने का काम शुरू किया है. आने वाले समय में रोड चौड़ाईकरण के दौरान किस कानून के तहत भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा यह अभी तक सुनिश्चित नहीं हुआ है. प्रशासन द्वारा जबरन भूमि अधिग्रहण किये जाने बाबत कानूनी नोटिस क्यों नहीं दिए जा रहे हैं, यह भी समझ से परे है. वहीं अनेक मकान नजूल अथवा मनपा की जगह पर बने हुए हैं, इन पर भी अभी तक कोई कार्रवाई सुनिश्चित नहीं हुई है.

इस रोड पर फिलहाल नालसाहब चौक तक ठेकेदार ने काम शुरू किया है. रोड की खुदाई कर दी गई है लेकिन पानी की पाइपलाइन फूटने के कारण पानी भर गया है. बताया गया कि सुधार कार्य के बाद फिर रोड निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा. धीमी गति से कार्य चलने के कारण नागरिक ट्रैफिक जाम से त्रस्त हो गए हैं.

अतिक्रमणकारियों को संरक्षण : मेयो से लेकर आगे पूरे रोड पर अतिक्रमण है. राष्ट्रीय महामार्ग होने के उपरांत अनेक भूमाफियाओं ने अपने मकान के सामने अतिक्रमण कर रखा है. हाई कोर्ट के आदेशों के बाद भी रोड पर अतिक्रमण उन्मूलन कार्रवाई नहीं की जा रही है. गांजाखेत से लेकर शहीद चौक तक पैदल चलना मुश्किल होता है. कई बार शिकायतें दी जा चुकी हैं, फिर भी कोई कार्रवाई न होना जांच का विषय बन गया है.


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