– हिंगोली से नंदुरबार तक ईंधन की किल्लत, ड्रम-बोतल लेकर पंपों पर उमड़ी भीड़
– डीजल नहीं तो खेती कैसे?’ तेज धूप में घंटों लाइन में खड़े किसान परेशान
हिंगोली :- खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले हिंगोली जिले में डीजल की गंभीर कमी देखने को मिल रही है. जिले के कई पेट्रोल पंपों पर डीजल का स्टॉक खत्म हो गया है जिससे किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. गोरेगांव स्थित पेट्रोल पंप पर डीजल लेने के लिए किसानों ने तड़के सुबह से ही अपने-अपने डिब्बे लेकर लंबी कतारें लगा दीं. सुबह 6 बजे से किसान डीजल के इंतजार में खड़े हैं लेकिन 6 से 7 घंटे बीत जाने के बाद भी कई लोगों को डीजल नहीं मिल सका. इससे नाराज किसानों ने तिल कंपनियों के खिलाफ काराजगी वाशिम में पेट्रोल लेने के दौरान मारपीट होने की भी घटना सामने आई है. इस समय खरीफ सीजन के कारण खेती-बाड़ी का काम तेज हो गया है. ट्रैक्टर, पंप और अन्य कृषि उपकरणों के संचालन के लिए डीजल की भारी जरूरत है लेकिन अचानक हुई इस किल्लत ने किसानों की पूरी योजना बिगाड़ दी है. तेज धूप में कई किसान भूखे-प्यासे अपने डिब्बों के साथ कतार में खड़े दिखाई दिए. डीजल की कमी के कारण खेती का काम ठप होने की आशंका जताई जा रही है. किसानों ने प्रशासन से तुरंत डीजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है.
नंदुरबार जिले में पेट्रोल और डीजल भरवाने के लिए पेट्रोल पंपों पर वाहनधारकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी.
लोग प्लास्टिक के बड़े ड्रम और पानी की बोतलें लेकर पंपों पर पहुंच रहे हैं.
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ईंधन की किल्लत का असर देखने को मिल रहा है.
घड़गांव में पेट्रोल पंपों पर वाहनों की एक से डेढ़ किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं. कई लोग 3 से 4 घंटे तक तेज धूप में इंतजार करते रहे.
ईंधन खत्म होने की अफवाहों के कारण लोगों में भ्रम और अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
परभणी शहर और जिले में पिछले 2 दिनों से ईंधन की कमी बनी हुई है. कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल उपलब्ध नहीं होने के कारण ‘ईंधन उपलब्ध नहीं है’ के बोर्ड लगाकर पंप बंद करने पड़े हैं. तेल कंपनियों से समय पर आपूर्ति न होने के कारण पेट्रोल पंप संचालकों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.
कई पंप बंद, लोगों में आक्रोश
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच इस किल्लत ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है. वाहनधारक कई किलोमीटर घूमने के बाद भी ईंधन नहीं पा रहे हैं जिससे उनमें गहरा आक्रोश है. सुबह से ही कई पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं. सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए, अब कम से कम सप्लाई तो ठीक से करें. ईंधन ही नहीं मिलेगा तो हम क्या करें? ऐसा सवाल नाराज परभणीवासियों ने उठाया है. इस कमी का सबसे ज्यादा असर किसानों, यात्री परिवहन चालकों और दैनिक मजदूरों पर पड़ रहा है.