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जलसंवर्धन से किसान आत्महत्या पर अंकुश संभव – नितिन गडकरी

– जलक्रांति परिषद 2026′ में बाढ़ का पानी रोकने का आह्वान

नागपुर :- विदर्भ में किसान आत्महत्या का सबसे बड़ा कारण सिंचाई की कमी है। इसके लिए हर गांव में जनभागीदारी से जल संरक्षण के काम किए जाने चाहिए। यह बात केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कही। सोमवार को रेशमबाग स्थित कविवर्य सुरेश भट्ट सभागार में पूर्ति सिंचन समृद्धि कल्याणकारी संस्था के रजत महोत्सव के अवसर पर आयोजित ‘जलक्रांति परिषद 2026’ में वे अध्यक्षीय संबोधन कर रहे थे।

बुलढाणा और तामसवाडा पैटर्न के प्रयोगों का उल्लेख करते हुए गडकरी ने कहा कि, यदि बाढ़ का पानी रोका जाए, तो खेती और गांवों की तकदीर बदली जा सकती है। इससे किसानों के जीवन में सुधार आएगा। विदर्भ को आत्महत्या मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। उन्होंने जल, वायु और ध्वनि प्रदूषण पर चिंता जताते हुए कहा कि, नदियों को स्वच्छ रखना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व है।

गडकरी ने कहा, नागपुर शहर का कचरा निस्तारण के लिए नीदरलैंड की कंपनी के सहयोग से प्लास्टिक, ग्लास और मेटल को अलग कर ऑर्गेनिक वेस्ट से बायोडाइजेस्टर के माध्यम से बायो-सीएनजी तैयार की जा रही है। दो दिन पहले ही गैस निकलना शुरू हुआ है। इस परियोजना से प्रतिदिन 28 टन गैस का उत्पादन होगा। जिससे नागपुर शहर की पूरी बसेस और अनेक कार और स्कूटर सीएनजी पर चलेगी।

जल प्रहरियों का सम्मान

जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले पद्मश्री सुभाष शर्मा, पद्मश्री चैतराम पवार, अनिकेत आमटे, डॉ. शरद गडाख, कर्नल सुरेश पाटील, डॉ. प्रभात जैन, सुरेश खानापुरकर, वी.डी. पाटिल, मिलिंद जोशी, बालासाहेब ठेंग, माधव कोटस्थानी, सचिन कुलकर्णी, विकास तोताडे, मिलिंद भगत, स्व. प्रभाकरराव मुंडले के बेटे निखिल मुंडले, स्व. बाबासाहेब बोंद्रे की पत्नी प्रभा बोंद्रे, जियोलॉजिस्ट स्व. रवींद्र काली की पत्नी सरोज रवींद्र काली को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राज्य के जलसंधारण मंत्री संजय राठौड़, नाम फाउंडेशन के अध्यक्ष नाना पाटेकर, सचिव मकरंद अनासपुरे, पीकेवी के कुलगुरु डॉ. शरद गडाख और गोंडवाना विवि के कुलगुरु डॉ. प्रप्शांत बोकारे, सरपंच और ग्रामसेवक मौजूद रहे।

किसान और प्रकृति से जुड़कर ही विकास संभवः पाटेकर

नाम फाउंडेशन के अध्यक्ष नाना पाटेकर ने गडकरी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि, गांव, किसान और प्रकृति से जुड़कर ही स्थायी विकास संभव है। उन्होंने नागपुर में नाम फाउंडेशन का कार्यालय शुरू करने की इच्छा भी जताई। मंत्री संजय राठोड़ ने कहा, हजारों मालगुजारी तालाबों को अतिक्रमण मुक्त करने का अभियान चलाया जा रहा है। कई गांव टैंकर मुक्त हो चुके हैं।


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