– 794 में से 5०1 वोट बीजेपी के पास
नागपुर :- पूरे राज्य में स्थानीय स्व-शासन निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाली 17 विधान परिषद सीटों के लिए चुनावी जंग शुरू हो गई है, और महायुति (महागठबंधन) के भीतर सीटों के बंटवारे को लेकर जोरदार चर्चाएं चल रही हैं. हालांकि, पूरे राज्य में सबसे ज़्यादा ध्यान नागपुर विधान परिषद सीट पर है, इसकी मुख्य वजह यह है कि भाजपा ने इस क्षेत्र में अपना स्पष्ट दबदबा बना लिया है.
नागपुर सीट पर कुल 794 वोटों में से, भाजपा के पास 5०1 वोटों की भारी संख्या है. इसके विपरीत, शिवसेना के शिंदे गुट के पास महज़ 30 वोट हैं, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार) के पास सिर्फ़ 5 वोट हैं. नतीजतन, नागपुर में भाजपा की स्थिति बेहद मज़बूत मानी जा रही है, और साफ संकेत मिल रहे हैं कि उम्मीदवार के चयन में पार्टी की निर्णायक भूमिका होगी.
यह देखते हुए कि पूरे राज्य की 17 सीटों में से 14 सीटों पर भाजपा का बहुमत है, पार्टी महायुति गठबंधन के भीतर ‘बड़े भाई’ के तौर पर उभर रही है. आंकड़े बताते हैं कि नागपुर के साथ-साथ, विदर्भ क्षेत्र की अन्य सीटों—खास तौर पर भंडारा-गोंदिया, वर्धा-चंद्रपुर-गढ़चिरोली और अमरावत में भी भाजपा का दबदबा बरकरार है.
इस बीच, हालांकि महायुति के भीतर सीटों के बंटवारे को लेकर अभी तक कोई अंतिम फ़ैसला नहीं हुआ है, लेकिन नागपुर सीट का भाजपा के खाते में जाना लगभग तय माना जा रहा है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ कर दिया है कि महायुति के भीतर सीटों के बंटवारे का कोई भी समाधान आपसी समझ-बूझ से ही निकाला जाएगा.



