– ऐप पर 11 लाख रुपये दिखे, निवेश करने की दी सलाह
नागपुर :- कम समय में बड़ी रकम कमाने के लिए, एक युवा महिला साइबर-अपराधी ने एक अनोखी योजना बनाई. उसने एक व्यवसायी को शादी के जाल में फंसाया और उससे 2 लाख रुपये की ठगी की. इस मामले में, लकडग़ंज पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है. साइबर-अपराधी की पहचान भोपाल की रहने वाली रितिका मेहता (32) के रूप में हुई है.
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता जिसकी पहचान वर्धमान नगर के रहने वाले प्रकाश (61) के रूप में हुई है. वह एक व्यवसायी है. वह शादी करना चाहता था. इसके लिए, उसने मोबाइल प्ले स्टोर से रिबोन्स नाम का एक एप्लिकेशन डाउनलोड किया. शिकायतकर्ता ने ऐप में अपनी सभी निजी जानकारी भर दी. कुछ दिनों बाद, उसे अपने मोबाइल फोन पर एक अनजान नंबर से ‘हाय’ का मैसेज मिला; भेजने वाली ने खुद की पहचान रितिका मेहता के रूप में बताई.
इसके बाद, दोनों की जान-पहचान हो गई. वे नियमित रूप से चैट करने लगे और फोन पर बातचीत करने लगे. इसी दौरान, रितिका ने उसे निवेश करने की सलाह दी. उसने उससे कहा, ‘तुम्हें निवेश करना चाहिए, मुझे इस बारे में पूरी जानकारी है. असल में, शिकायतकर्ता को निवेश करने की कोई वास्तविक जरूरत नहीं थी. फिर भी, उसने सिर्फ रितिका का मान रखने के लिए निवेश करने का फैसला किया. जैसे ही वह सहमत हुआ, आरोपी ने शिकायतकर्ता को टेलीग्राम के जरिए ‘फटीओएम’ नाम के एक प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर करने का निर्देश दिया. उसके निर्देशों पर अमल करते हुए, शिकायतकर्ता ने रजिस्टर किया और 5० हजार रुपये का निवेश किया. ठीक अगले ही दिन, आरोपी ने 54,81० रुपये वापस भेज दिए. इससे शिकायतकर्ता का भरोसा और बढ़ गया. नतीजतन, शिकायतकर्ता ने आरोपी को ऑनलाइन 2 लाख रुपये और ट्रांसफर कर दिए. यहीं से असली खेल शुरू हुआ. शिकायतकर्ता को अपनी यूजर आईडी पर मुनाफ़ा दिखाई देने लगा. मुनाफे की रकम लगातार बढ़ती हुई दिख रही थी. इससे इस योजना पर शिकायतकर्ता का विश्वास और मजबूत हो गया. मुनाफे की रकम बढक़र चौंका देने वाले 11 लाख रुपये तक पहुंच गई. उस समय, शिकायतकर्ता ने आरोपी से पैसे निकालने में मदद करने के लिए कहा. हालांकि, आरोपी ने शिकायतकर्ता की आईडी डिलीट कर दी और अपना मोबाइल फ़ोन बंद कर दिया.यह एहसास होने पर कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है, शिकायतकर्ता तुरंत लक्कडग़ंज पुलिस स्टेशन पहुंचा और पूरी घटना बताई. उसकी शिकायत के आधार पर, आरोपी रीतिका के खि़लाफ मामला दर्ज किया गया. गौरतलब है कि ‘रीतिका’ नाम भी एक फर्जी नाम है. पुलिस फि़लहाल आरोपी को उसके मोबाइल नंबर के ज़रिए ट्रैक कर रही है.



