– 30 जीवनरक्षक दवाओं के दाम तय
नागपुर :- डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर (बीपी) और हृदय रोग जैसी जीवनशैली संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत की खबर है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने 30 महत्वपूर्ण दवाओं की खुदरा कीमतें तय कर दी है। अब इन बीमारियों के उपचार में उपयोग होने वाली कई दवाएं किफायती होने की उम्मीद बनी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, नागपुर जिले में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 4 लाख लोग डायबिटीज से प्रभावित अनुमान है। वहीं 5 से 6 लाख लोगों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होने का अनुमान है। इसके अलावा करीब 2 लाख लोग हृदय रोग, कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण या बीपी की दवाओं का नियमित सेवन कर रहे हैं। दवाओं की कीमतें नियंत्रित होने से इन मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
एनपीपीए द्वारा जिन दवाओं की कीमतें नियंत्रित की गई हैं, उनमें डायबिटीज के उपचार में उपयोग होने वाली एम्पाग्लिफ्लोजिन, सिटाग्लिप्टिन, मेटफॉर्मिन, टेनेलिग्लिप्टिन और डापाग्लिफ्लोजिन जैसी दवाएं शामिल हैं। नागपुर नागपुर के सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मधुमेह के मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। दवाओं की ऊंची कीमतों के कारण कई मरीज उपचार बीच में छोड़ देते हैं। अनगिनत मरीज दवाओं की मात्रा कम कर देते हैं। कीमतें नियंत्रित होने से उपचार की निरंतरता बढ़ेगी। निजी अस्पतालों में इन बीमारियों का उपचार करने आनेवाले मरीजों की संख्या भी अधिक है।
हृदय रोग और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए भी यह फैसला महत्वपूर्ण है। एटोरवास्टेटिन, टेल्मिसार्टन, सिल्निडिपिन और मेटोप्रोलोल जैसी दवाओं की कीमतें तय होने से मरीजों का मासिक दवा खर्च कम होने की संभावना बनी है। विशेषज्ञों के अनुसार, बदलती जीवनशैली, तनाव, मोटापा और शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण नागपुर में कम उम्र में भी बीपी और हृदय रोग के मामले बढ़ रहे हैं। एनपीपीए की सूची में एंटीबायोटिक्स, दर्द निवारक दवाएं, विटामिन सप्लीमेंट्स और महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी दवाएं भी शामिल हैं। दवाओं का मूल्य निर्धारण व दाम कम होने से मरीज नियमित उपचार जारी रख सकेंगे। वर्तमान में पुराना स्टॉक होने से यह दवाएं पुराने दामों में ही मिलेगी। नया स्टॉक नये मूल्य निर्धारित दामों के साथ उपलब्ध होगा।



