मुंबई :- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली कैबिनेट ने किसानों को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। इसके तहत 2017 और 2019 में हुई कर्जमाफी में जिन किसानों को लाभ नहीं मिला और उससे वंचित रहा गए ऐसे किसानों को भी इस बार कर्जमाफी का लाभ दिया जाएगा। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इसको लेकर सरकार ने 14 हजार करोड़ रूपये का अतिरिक्त फंड को भी अपनी मंजूरी दे दी है। सरकार के इस निर्णय से लाखों किसानो को फायदा होगा।
ज्ञात हो कि, 2024 में महायुति ने अपने घोषणापत्र में कर्जमाफी देने का वादा किया था। सरकार बनाने के एक डेढ़ साल बाद मई में देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई में कैबिनेट ने कर्ज माफ़ी के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दी। हालांकि, वर्तमान में राज्य में विधान परिषद् चुनाव के मद्देनजर आँचर संहिता लगी हुई है। इस कारण सरकार ने 21 जून तक कर्ज माफ़ी की घोषणा पर स्थगित किया हुआ है।
कर्जमाफी के मुद्दे पर कृषि मंत्री दत्तत्रेय भरणे ने अहम् जानकारी दी। कृषि मंत्री ने बताया कि, “राज्य सरकार द्वारा घोषित कर्ज माफ़ी के तहत 36,500 करोड़ रूपये की कर्जमाफी की गई है। सरकार के इस निर्णय से 56 लाख से ज्यादा किसानों को फायदा होगा।” कृषि मंत्री ने कहा कि, “सरकार किसानों के साथ पूरी मजबूती के साथ है। वहीं हाल ही में हुई अतिवृष्टि से हुए नुकसान पर भी कृषि मंत्री ने जल्द राहत देने का भरोसा दिया।
इसी बीच मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने बड़ा निर्णय लिया। सरकार ने 2017 और 2019 में जो कर्ज माफ़ी हुई थी। उसमें जो किसान छूट गए थे, यानी जिनके ऊपर कर्जा था, लेकिन उन्हें किसी कारण कर्ज माफ़ी का फायदा नहीं मिल पाया ऐसे किसानों को भी इस बार कर्ज माफ़ी देने का निर्णय लिया गया है। इसको लेकर सरकार ने 14 हजार करोड़ रूपये के अतिरिक्त फंड को भी अपनी मंजूरी दे दी है। सरकार के इस निर्णय से उन किसानों को बड़ा फायदा मिलेगा जो पिछली बार छूट गए थे।
फडणवीस और उद्धव सरकार में हुई थी कर्ज माफ़ी
उल्लेखनीय है कि, 2017 में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज किसान सम्मान योजना की घोषणा की थी, इसके तहत सरकार ने 34 हजार करोड़ रूपये से ज्यादा का कर्ज माफ़ करने का ऐलान किया था। वहीं 2019 में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अगुवाई में महाविकास अघाड़ी सरकार ने महात्मा ज्योतिराव फुले शेतकारी कर्जमुक्ति योजना की घोषणा की थी। इसको लेकर 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। हालांकि, दोनों कर्जमाफी के दौरान कई किसानों को फायदा नहीं मिला था। उन्होंने आरोप लगाया था कि, छोटे-छोटे कारणों से उन्हें कर्ज माफ़ी से वंचित रखा गया था।







