नई दिल्ली :- सुबह का वक्त था. ट्रेन प्लेटफॉर्म पर लगी थी. जनरल बोगी के बाहर हमेशा की तरह भीड़ थी. कोई चढ़ने की जल्दी में था, कोई उतरने की. धक्का-मुक्की भी हो रही थी. लेकिन किसी ने नहीं सोचा होगा कि कुछ मिनट बाद इसी भीड़ के बीच एक आदमी की जान चली जाएगी.
मामला दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन का है. यहां योगा एक्सप्रेस के जनरल कोच के पास हुई मारपीट में 35 साल के पंकज धामा की मौत हो गई. अब पुलिस ने 3 मुख्य आरोपी, जिनकी मारपीट में भूमिका थी, उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. इनमें 2 आरोपी दिल्ली के शाहदरा के, जबकि एक अमर कॉलोनी का रहने वाला है.
इनके अलावा 3 और लड़के डिटेन किए गए हैं, जिनमें कुछ नाबालिग भी हैं, उनसे पूछताछ चल रही है. पुलिस का कहना है कि पंकज धामा बॉगी के गेट पर खड़ा था और किसी को चढ़ने नहीं दे रहा था, इसी को लेकर झगड़ा हुआ. फिर मारपीट शुरू हो गई थी. इस घटना का 52 सेकेंड का वीडियो सामने आया है, जिसने पूरी कहानी को नए सवालों के बीच ला खड़ा किया है.
पंकज धामा उत्तर प्रदेश के बागपत के रहने वाले थे. दिल्ली मेट्रो में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे. घटना वाले दिन वह अपने गांव जाने के लिए निकले थे. इसके लिए उन्होंने योगा एक्सप्रेस पकड़ी. लेकिन गांव पहुंचने से पहले उनकी जिंदगी की यात्रा ही खत्म हो गई.
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, योगा एक्सप्रेस जब शाहदरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर रुकी तो जनरल बोगी के दरवाजे पर काफी भीड़ थी. आरोप है कि पंकज दरवाजे के पास खड़े थे, जिससे यात्रियों को चढ़ने-उतरने में परेशानी हो रही थी. यहीं से बहस शुरू हुई. जनरल बोगी में बहस का अगला पड़ाव अक्सर धक्का-मुक्की होता है.
घटना का एक 52 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. वीडियो में प्लेटफॉर्म पर अफरा-तफरी दिखाई देती है. लोग इधर-उधर भागते नजर आते हैं. कुछ लोग झगड़े में शामिल दिखाई देते हैं. एक पुलिसकर्मी बीच-बचाव की कोशिश करता भी दिखता है. लेकिन वीडियो का सबसे परेशान करने वाला हिस्सा आखिर में आता है.




