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इंडोनेशिया पहुंचे पीएम मोदी, रक्षा-व्यापार पर वार्ता

– गर्मजोशी से हुआ स्वागत, राष्ट्रपति प्राबोवो से होगी अहम बातचीत

जकार्ता :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को इंडोनेशिया पहुंचकर अपने तीन देशों के दौरे की शुरुआत की। जकार्ता एयरपोर्ट पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच मंगलवार को होने वाली द्विपक्षीय वार्ता में रक्षा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, खाद्य सुरक्षा, डिजिटल अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक सहयोग सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर स्वागत के लिए राष्ट्रपति प्राबोवो का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2018 में भारत और इंडोनेशिया के संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा दिया गया था, जिससे दोनों देशों के लोगों को लाभ मिला है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस यात्रा के दौरान दोनों देश विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को नई गति देंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि 6 से 11 जुलाई तक चलने वाला उनका इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का दौरा भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’, ‘महासागर विजन’ तथा स्वतंत्र, मुक्त और समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा। यह प्रधानमंत्री मोदी का इंडोनेशिया का चौथा दौरा है, लेकिन 2018 में दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी स्थापित होने के बाद उनकी यह पहली द्विपक्षीय यात्रा है। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्राबोवो योग्याकार्ता स्थित प्रम्बानन मंदिर परिसर का भी दौरा करेंगे, जिससे दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

ब्रह्मोस मिसाइल सौदे पर भी रहेगी नजर

भारत और इंडोनेशिया के बीच प्रस्तावित ब्रह्मोस मिसाइल सौदे पर भी इस बैठक में प्रगति की संभावना जताई जा रही है। इंडोनेशिया में भारत के राजदूत संदीप चक्रवर्ती के अनुसार, यह समझौता अब उन्नत चरण में पहुंच चुका है.

आर्थिक और रणनीतिक सहयोग पर रहेगा फोकस

भारत और इंडोनेशिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार 28.15 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। इसके अलावा महत्वपूर्ण खनिजों, विशेष रूप से निकेल के क्षेत्र में सहयोग पर भी विशेष ध्यान रहेगा। इंडोनेशिया के पास दुनिया के लगभग 21 प्रतिशत निकेल भंडार हैं, जिससे वह भारत के लिए रणनीतिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण साझेदार बनकर उभरा है।

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