– नये नागपुर में जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्था को प्राथमिकता
नागपुर :- महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री एवं नागपुर जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि महानगर के तेजी से हो रहे विस्तार, विकसित हो रहे नए नागपुर तथा औद्योगिक एवं पर्यटन क्षेत्र की बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीक्षाभूमि के समग्र विकास का मास्टर प्लान सर्वसम्मति से तैयार किया जाएगा।
नागपुर सुधार प्रन्यास (एनआईटी) में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने श्री महालक्ष्मी जगदंबा संस्थान तीर्थस्थल तथा विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में एनआईटी के अध्यक्ष संजय मीणा, महाप्रबंधक सचिन ढोले सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बावनकुले ने कहा कि भारत रत्न डॉ. बाबासाहब आंबेडकर की दीक्षाभूमि के प्रति जो दूरदृष्टि और आस्था थी, उसका प्रतिबिंब परिसर के विकास में स्पष्ट दिखाई देना चाहिए। देश-विदेश से लाखों अनुयायी यहां प्रेरणा लेने आते हैं। इसलिए दीक्षाभूमि में पंचशील और धम्म के सिद्धांतों को प्रभावी रूप से प्रदर्शित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दीक्षाभूमि का विकास जनप्रतिनिधियों, बौद्ध समाज के प्रतिनिधियों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के सहयोग से किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही एक विशेष बैठक बुलाकर विस्तृत विकास योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।

नए नागपुर में मूलभूत सुविधाओं पर रहेगा जोर
पालकमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि नए नागपुर में किसी भी नए ले-आउट को मंजूरी देने से पहले जलापूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज, गटर लाइन और वर्षा जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाये। उन्होंने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने नागपुर सुधार प्रन्यास और नागपुर महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एनएमआरडीए) के अधीन सभी भूमि का ड्रोन सर्वेक्षण और एमआरएसएसी (MRSAC) तकनीक के माध्यम से मैपिंग कराने के निर्देश भी दिए।
अतिवृष्टि से निपटने की तैयारियों की समीक्षा
इसके बाद पालकमंत्री ने जिलाधिकारी कार्यालय में बैठक लेकर संभावित अतिवृष्टि की स्थिति में प्रशासन की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में आपदा प्रबंधन, पट्टों का वितरण, आपातकालीन निधि की उपलब्धता, ग्रामीण संपर्क मार्ग, सड़क पंजीकरण, जी-राम योजना के तहत वृक्षारोपण, झाड़ीदार वन क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने तथा वनराई बंधारों के पुनर्जीवन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।




