– कांग्रेस के प्रफुल्ल गुड्धे पाटिल ने भाजपा से मांगा जवाब
नागपुर :- नागपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रफुल्ल गुड्धे पाटिल ने आगामी जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की अनदेखी किये जाने का आरोप लगाते हुए केंद्र और महाराष्ट्र सरकार से इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने व्यापक जाति आधारित जनगणना का वादा किया था, लेकिन मौजूदा प्रक्रिया में ओबीसी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
सोमवार को नागपुर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार परिषद में प्रफुल्ल गुड्धे पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में जाति आधारित जनगणना का आश्वासन दिया था। उनका आरोप है कि वर्तमान घर-घर गणना प्रक्रिया में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए प्रावधान तो हैं, लेकिन ओबीसी वर्ग के लिए अलग व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है। इससे यह संदेह पैदा हो रहा है कि आगामी जनगणना में ओबीसी की अलग से गणना होगी या नहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस मुद्दे पर महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री एवं नागपुर के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले सहित ओबीसी समाज से जुड़े भाजपा के 25 नेताओं को पत्र भेजकर उनका रुख सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने भाजपा के ओबीसी नेताओं से सवाल किया कि क्या वे जनगणना में ओबीसी को शामिल कराने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाएंगे या इस मुद्दे पर मौन रहेंगे। पत्रकार परिषद में प्रफुल्ल गुड्धे पाटिल ने राज्य में बढ़ते अपराधों को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति के लिए केवल नए पुलिस आयुक्त को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। इसके लिए मुख्यमंत्री और राज्य के गृह मंत्री की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ती आपराधिक घटनाएं राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सरकार की विफलता को दर्शाती हैं। कांग्रेस ने सरकार से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है।




