– नागपुर की अदालत का बड़ा फैसला
नागपुर :- नागपुर के प्रमुख जिला एवं सत्र न्यायालय ने पत्नी की हत्या के मामले में दोषी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में उसे तीन माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेखर चुन्नीलाल मुनघाटे की अदालत ने पुलिस थाना पांचपावली में वर्ष 2022 में दर्ज हत्या के मामले में आरोपी परसुराम उर्फ तुफान स्वामीदीन ब्राम्हणे (33) को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई। अभियोजन के अनुसार, आरोपी और मृतका सोनू परसुराम ब्राम्हणे पति-पत्नी थे और पांचपावली क्षेत्र के लष्करीबाग में किराये के मकान में रह रहे थे। आरोपी के किसी अन्य महिला से कथित संबंध होने के संदेह को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।17 सितंबर 2022 की रात करीब 12.45 बजे इसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ। विवाद के दौरान आरोपी ने घर में रखी टेबल और लकड़ी के डंडे से पत्नी के सिर और चेहरे पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मामले में शिकायतकर्ता शिल्पा अमित हथगैया की शिकायत पर पांचपावली पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया था। घटना के दिन ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था।
मामले की जांच तत्कालीन सहायक पुलिस निरीक्षक चंद्रकांत कोसे ने पूरी कर न्यायालय में आरोपपत्र पेश किया। सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष की ओर से अधिवक्ता आसावरी परसोडकर ने पैरवी की, जबकि आरोपी की ओर से अधिवक्ता ढाले ने पक्ष रखा। न्यायालयीन कार्यवाही में कोर्ट पैरवी अधिकारी सहायक फौजदार राजेंद्र मोरई एवं महिला पुलिस हवलदार अपेक्षा बोदेले ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। न्यायालय ने उपलब्ध सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।




