– लैंडस्लाइड, जलभराव और हादसों से कई राज्यों में संकट, ट्रेनें प्रभावित
भोपाल/जयपुर/लखनऊ/देहरादून :- मानसून ने गुरुवार को पूरे देश को कवर कर लिया। इस बार मानसून ने सामान्य से दो दिन पहले, यानी 36 दिनों में पूरे देश को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि, भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार अगले दो दिनों के बाद मानसून की सक्रियता कुछ कम हो सकती है।
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित है। उत्तरकाशी जिले में स्यानाचट्टी के पास यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग तथा नालूपानी के समीप गंगोत्री हाईवे भूस्खलन के कारण बंद हो गए हैं। यमुनोत्री मार्ग बाधित होने से बड़ी संख्या में यात्री फंस गए हैं। शुक्रवार सुबह फिर हुए भूस्खलन के बाद करीब 100 से 150 यात्री मार्ग में फंस गए, जबकि सड़क से मलबा हटाने का कार्य जारी है। राज्य के 10 जिलों में भारी बारिश के चलते स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। पिथौरागढ़ में आदि कैलाश मार्ग भी चट्टानें गिरने से बंद है, जबकि हरिद्वार में कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। उत्तर प्रदेश में गुरुवार को 69 शहरों में बारिश दर्ज की गई। बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो गई। बुलंदशहर में एक पुरानी मस्जिद की दीवार गिरने से एक ही परिवार के दो लोगों की जान चली गई, जबकि हरदोई में दो बहनें नदी में बह गईं।
राजस्थान में भी भारी बारिश ने नुकसान पहुंचाया। धौलपुर में एक मकान ढहने से छह लोग मलबे में दब गए, जबकि अजमेर के किशनगढ़ में कच्चा मकान गिरने से दंपती और उनका बच्चा घायल हो गए। बारिश के कारण राज्य में छह ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं और कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। दिल्ली में भी तेज बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव और पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित रहा। वहीं, हरिद्वार में रेलवे पुल के नीचे पानी भर जाने से आवागमन में दिक्कतें आईं। इधर, छत्तीसगढ़ में मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। पिछले 24 घंटों के दौरान दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई, जबकि मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, इस मानसून सीजन में राज्य में अब तक सामान्य से लगभग 18 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।




