– विश्वविद्यालय की छात्रा दीप्ति वर्मा का चयन
नागपुर :- भविष्य की एंटीबायोटिक दवाओं की खोज को नई दिशा देने वाली बहुआयामी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) प्रणाली के विकास पर राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के औषधि निर्माणशास्त्र विभाग की छात्रा दीप्ति वर्मा शोध करेंगी। इस शोध कार्य के लिए उनका चयन देश के प्रतिष्ठित आईआईटी बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (आईआईटी-बीएचयू) में प्री-डॉक्टोरल फेलोशिप हेतु किया गया है। वर्तमान में दीप्ति वर्मा डॉ. प्रफुल्ल साबले के मार्गदर्शन में एम. फार्म. की पढ़ाई कर रही हैं। चिकित्सा में दवाओं की प्रभावशीलता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। तेजी से बदलती आनुवंशिक संरचनाओं के कारण एंटीबायोटिक उपचार और इस क्षेत्र में अनुसंधान का महत्व लगातार बढ़ रहा है। साथ ही अगली पीढ़ी की एंटीबायोटिक दवाओं की खोज आज की प्रमुख आवश्यकता बन गई है। वर्तमान में एंटीबायोटिक खोज के लिए विभिन्न तकनीकों का उपयोग किया जाता है लेकिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से इस पूरी प्रक्रिया को एकीकृत एवं अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में शोध समय की मांग है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए आईआईटी बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में संचालित शोध परियोजना के लिए दीप्ति वर्मा का चयन प्री-डॉक्टोरल फेलोशिप के लिए किया गया है।




