– महाराष्ट्र सरकार के नए नियम लागू, जीपीएस और इमरजेंसी बटन भी होंगे अनिवार्य
नागपुर :- महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में संचालित स्कूल बसों, स्कूल वैन और शैक्षणिक संस्थानों के वाहनों के लिए नए सुरक्षा नियम लागू कर दिए हैं। 16 जुलाई 2026 से लागू हुए इन नियमों का पालन सभी स्कूल वाहनों को अगले तीन महीने के भीतर करना होगा। निर्धारित अवधि में नियमों का पालन नहीं करने पर परिवहन विभाग संबंधित वाहन का परमिट निलंबित या रद्द कर सकता है।
राज्य सरकार ने महाराष्ट्र मोटर वाहन (स्कूल बस के लिए नियम), 2011 में संशोधन करते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर कई नए प्रावधान किए हैं। इसकी अंतिम अधिसूचना 16 जुलाई को राजपत्र में प्रकाशित की गई।

ये होंगे अनिवार्य सुरक्षा इंतजाम
नए नियमों के तहत प्रत्येक स्कूल बस और वैन में जीपीएस आधारित वाहन ट्रैकिंग सिस्टम, इमरजेंसी बटन, सीसीटीवी कैमरे, फायर सेफ्टी सिस्टम, सभी सीटों पर सीट बेल्ट तथा डिजिटल सुरक्षा प्रणाली लगाना अनिवार्य होगा। नियमों के अनुसार अभिभावक अपने मोबाइल फोन पर स्कूल वाहन की लाइव लोकेशन देख सकेंगे। आवश्यकता पड़ने पर सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध करानी होगी। इसके अलावा कम से कम 30 दिनों तक सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखना अनिवार्य रहेगा।
छोटे बच्चों के साथ महिला सहायक जरूरी
पूर्व-प्राथमिक (प्री-प्राइमरी) से लेकर कक्षा पांचवीं तक के विद्यार्थियों को ले जाने वाले प्रत्येक वाहन में यात्रा के दौरान महिला सहायक या अधिकृत कर्मचारी की उपस्थिति अनिवार्य होगी।इसके अलावा स्कूल बस चालक, महिला सहायक और अन्य कर्मचारियों की पुलिस सत्यापन (बैकग्राउंड वेरिफिकेशन), मेडिकल जांच तथा लिखित नियुक्ति अनिवार्य की गई है, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
नियम नहीं माने तो होगी कार्रवाई :
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अधिसूचना जारी होने के तीन महीने के भीतर सभी स्कूल वाहनों को नए नियमों का पालन करना होगा। समय सीमा के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग कार्रवाई करते हुए उनका परमिट निलंबित या रद्द कर सकता है।




