एकनाथ निमगड़े हत्याकांड में नया मोड़

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– नागपुर कोर्ट ने सीबीआई और आरोपियों को जारी किया नोटिस, कल होगी सुनवाई

नागपुर :- महाराष्ट्र को झकझोर देने वाले आर्किटेक्ट एकनाथ निमगड़े हत्याकांड में एक बार फिर नया कानूनी मोड़ आया है। नागपुर सत्र न्यायालय ने मामले की नए सिरे से व्यापक जांच की मांग वाली याचिका पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और दोनों आरोपियों रंजीत हलके सफेलकर तथा मोहसिन बदरुद्दीन अंसारी उर्फ राजा पॉप को नोटिस जारी किया है। अदालत ने सभी पक्षों को 22 जुलाई तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

यह याचिका मृतक के पुत्र अनुपम निमगड़े ने दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अब तक की जांच अधूरी, त्रुटिपूर्ण और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की अनदेखी करने वाली रही है। उनका कहना है कि जांच केवल दो आरोपियों तक सीमित रही, जबकि हत्या के पीछे संभावित बड़े षड्यंत्र और अन्य साजिशकर्ताओं की भूमिका की जांच नहीं की गई। याचिका में अदालत से आधुनिक फोरेंसिक तकनीकों के माध्यम से दोबारा वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की गई है। इसमें वित्तीय लेन-देन (मनी ट्रेल), डिजिटल संचार, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार के स्रोत तथा अपराध में आर्थिक या अन्य प्रकार की सहायता देने वाले संभावित लोगों की भूमिका की जांच कराने का आग्रह किया गया है।

22 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

इससे पहले सीबीआई ने पर्याप्त सबूत नहीं होने का हवाला देते हुए न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) की अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। हालांकि, अनुपम निमगड़े द्वारा उठाई गई आपत्तियों के बाद अदालत ने क्लोजर रिपोर्ट खारिज कर दी थी और कहा था कि मामले में मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सामग्री उपलब्ध है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब सत्र न्यायालय ने सीबीआई और दोनों आरोपियों से जवाब मांगा है। 22 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई में अदालत यह तय करेगी कि मामले में नए सिरे से जांच कराई जाए या नहीं।

गौरतलब है कि 6 सितंबर 2016 को नागपुर के सेंट्रल एवेन्यू स्थित लाल इमली चौक के पास सुबह की सैर से घर लौट रहे आर्किटेक्ट एकनाथ निमगड़े की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पूरे महाराष्ट्र में सनसनी फैला दी थी।