– उमरेड-करहांडला अभयारण्य में पर्यटकों का आकर्षण
नागपुर :- नागपुर के निकट स्थित उमरेड-करहंडला वन्यजीव अभयारण्य में इन दिनों पर्यटकों को रोमांचक नजारा देखने को मिल रहा है। अभयारण्य की चर्चित एफ-2 बाघिन अपने चार शावकों के साथ नियमित रूप से नजर आ रही है, जिससे सफारी पर आने वाले पर्यटकों और वन्यजीव फोटोग्राफरों में खासा उत्साह है।
हाल ही में चार शावकों को जन्म देने के बाद बाघिन कई सप्ताह तक उनकी देखभाल में व्यस्त रहने के कारण दिखाई नहीं दे रही थी। अब वह अपने शावकों के साथ बफर क्षेत्र में घूमती हुई दिखाई दे रही है। चंचल शावकों की अठखेलियां पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। मानसून के कारण महाराष्ट्र के अधिकांश वन क्षेत्रों में 1 जुलाई से नियमित सफारी पर रोक लगी हुई है। हालांकि, उमरेड-करहांडला अभयारण्य के बफर क्षेत्र में मौसम अनुकूल रहने पर सफारी जारी है। केवल अत्यधिक बारिश की स्थिति में ही सफारी संचालन अस्थायी रूप से बंद किया जाता है।एफ-2 बाघिन का यह पहला कुनबा नहीं है। इससे पहले भी उसने पांच शावकों को जन्म दिया था, जो अब बड़े होकर अपने-अपने क्षेत्र स्थापित कर चुके हैं। करीब 189 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले उमरेड-करहंडला वन्यजीव अभयारण्य में करहांडला, गोठणगांव और पवनी तीन प्रवेश द्वार हैं। एफ-2 बाघिन और उसके चार शावकों की लगातार हो रही मौजूदगी ने मानसून के दौरान भी अभयारण्य को प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना दिया है।





