– यातायात सुधारने 10 सड़कों पर शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
नागपुर :- शहर में यातायात जाम की समस्या से निजात दिलाने तथा सड़कों और फुटपाथों को अधिक खुला एवं पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से नागपुर महानगरपालिका ने ऑन-स्ट्रीट पार्किंग और पथ विक्रेता प्रबंधन को लेकर नियोजन शुरू कर दिया है। मनपा मुख्यालय में मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर की अध्यक्षता में इस संबंध में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में नागपुर शहर यातायात विभाग के पुलिस उपायुक्त आदित्य मिरखेलकर, मनपा उपायुक्त मंगेश खवले, मुख्य अभियंता लीना उपाध्ये, कार्यकारी अभियंता अल्पना पाटणे सहित आईटीडीपी इंडिया, पीडीए पुणे और आईआरटीई जैसी विशेषज्ञ संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक में आईटीडीपी इंडिया की ओर से नागपुर में ऑन-स्ट्रीट पार्किंग की रणनीति और जोनवार सड़कों के चयन को लेकर पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन दिया गया। इसके बाद आयुक्त डॉ. विपिन ने शहर की चयनित सड़कों की वास्तविक स्थिति और आवश्यकताओं की सटीक जानकारी जुटाने के लिए तत्काल सलाहकार एवं सर्वेयर नियुक्त करने के निर्देश मनपा के परियोजना विभाग को दिए। पार्किंग व्यवस्था के बेहतर नियोजन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के लिए जल्द ही एक विशेष कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी। इसमें मनपा अधिकारी, नागपुर यातायात पुलिस, नागपुर सुधार प्रन्यास, सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) तथा महामेट्रो के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
10 प्रमुख सड़कों पर पथ विक्रेता प्रबंधन का पायलट प्रोजेक्ट
बैठक में पीडीए पुणे की टीम ने धरमपेठ जोन, फुटाला परिसर और मेडिकल कॉलेज चौक में पथ विक्रेताओं के व्यवस्थित प्रबंधन के लिए तैयार किए गए डिजाइन का प्रस्तुतिकरण किया। इसके बाद मनपा आयुक्त डॉ. विपिन ने धरमपेठ और लक्ष्मीनगर क्षेत्र की 10 प्रमुख सड़कों का चयन कर वहां पथ विक्रेताओं के व्यवस्थित प्रबंधन के लिए पायलट प्रोजेक्ट लागू करने के निर्देश दिए।
इस योजना का उद्देश्य पथ विक्रेताओं के लिए व्यवस्थित स्थान सुनिश्चित करने के साथ-साथ सड़क और फुटपाथ पर होने वाले अतिक्रमण तथा यातायात संबंधी समस्याओं को कम करना है।बैठक में आईआरटीई संस्था की ओर से शहर के प्रमुख चौराहों के सुंदरीकरण, सुधार तथा यातायात को अधिक सुगम बनाने के लिए प्रस्तावित डिजाइन का प्रस्तुतिकरण किया गया। बैठक में शहर में यातायात व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित बनाने, पार्किंग की समस्या कम करने और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित एवं सुविधाजनक मार्ग उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।





