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जमीन गई, केस जीते; मुआवजा अब भी दूर

– सात किसानों के 1.02 करोड़ रुपये मनपा में अटके

नागपुर :- पेंच जलापूर्ति परियोजना फेज-4 के लिए कृषि भूमि अधिग्रहित किए जाने के करीब दो दशक बाद सात किसानों ने लंबी कानूनी लड़ाई जीत ली, लेकिन अदालती आदेश के करीब सात महीने बाद भी उन्हें 1.02 करोड़ रुपये से अधिक का बढ़ा हुआ मुआवजा नहीं मिल सका है। किसानों ने अब राजस्व मंत्री तथा नागपुर जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से हस्तक्षेप कर राशि जल्द दिलाने की मांग की है।

आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2006-07 में नागपुर शहर की पेयजल आपूर्ति बढ़ाने के लिए 1,930 मिमी व्यास की ट्रांसमिशन पाइप लाइन बिछाने के लिए कामठी तहसील के मौजा नांदा में सात किसानों की कृषि भूमि अधिग्रहित की गई थी। किसानों का आरोप है कि अधिग्रहण के समय उन्हें भूमि के वास्तविक बाजार मूल्य की तुलना में काफी कम मुआवजा दिया गया था। इसी मामले में 5वें संयुक्त सिविल जज, वरिष्ठ स्तर, नागपुर ने 10 अप्रैल 2024 को भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा 28(ए) के तहत किसानों के पक्ष में आदेश दिया। इस धारा के तहत समान परिस्थितियों वाले भूमि मालिक पहले दिये गये न्यायालयीन अवॉर्ड के आधार पर बढ़े हुए मुआवजे की मांग कर सकते हैं। अदालत ने किसानों की मांग स्वीकार करते हुए बढ़े हुए मुआवजे का आदेश दिया।

इसके बाद मौदा के उप विभागीय अधिकारी (एसडीओ) कार्यालय ने मुआवजे की पुनर्गणना की। 8 जनवरी 2026 को एसडीओ कार्यालय ने मनपा के पेंच प्रोजेक्ट सेल के कार्यकारी अभियंता को 1,02,10,936 रुपये की राशि सक्षम भूमि अधिग्रहण प्राधिकरण के पास जमा करने का निर्देश दिया। इस राशि के लाभार्थियों में वसंत सूरजप्रसाद मोढ, राजेश कर्णराज मोढ, देवाजी खड़े, दीपक खड़े, सुधाकर खड़े सहित दो अन्य भूमि मालिक शामिल हैं। हालांकि, एसडीओ के निर्देश के बावजूद अब तक राशि जमा नहीं की गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्वीकार किया कि मनपा के सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के पास पूर्व में किसानों को दिए गए मुआवजे का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।

किसानों का आरोप है कि सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने और उनके पक्ष में न्यायालयीन आदेश आने के बावजूद मनपा की ओर से राशि जमा करने में देरी की जा रही है। इसी को लेकर उन्होंने पालकमंत्री बावनकुले से मुलाकात कर बकाया मुआवजा जल्द दिलाने के लिए हस्तक्षेप की मांग की है।

राशि जमा होते ही होगा वितरण

मनपा आयुक्त डॉ. विपिन ने कहा कि मामला न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप प्रक्रिया में है। उन्होंने कहा, मनपा द्वारा सक्षम भूमि अधिग्रहण प्राधिकरण के पास राशि जमा किए जाने के बाद बढ़ा हुआ मुआवजा पात्र भूमि मालिकों को जारी कर दिया जाएगा। तो वहीं, किसानों का कहना है कि दो दशक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद उन्हें बढ़े हुए मुआवजे का हक मिला है, इसलिए अब प्रशासनिक स्तर पर भुगतान में और देरी नहीं होनी चाहिए।

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