– 20 अगस्त से 30 सितंबर तक विशेष वसूली अभियान, व्यावसायिक संपत्तियां निशाने पर
नागपुर :- नागपुर महानगरपालिका ने संपत्ति कर के लंबित बकाये की वसूली के लिए बड़े अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। मनपा 20 अगस्त से 30 सितंबर के बीच 1,279 करोड़ रुपये के बकाये की वसूली का लक्ष्य लेकर विशेष अभियान चलाएगी। इस राशि में बकाया संपत्ति कर के साथ जुर्माना और वारंट से संबंधित लंबित रकम भी शामिल है।
अभियान के तहत विशेष रूप से व्यावसायिक संपत्तियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। मनपा ने अधिकारियों को वसूली प्रक्रिया तेज करने और बकायेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। संपत्ति कर महानगरपालिका की आय का प्रमुख स्रोत है। इससे सड़क, जल निकासी, स्वच्छता और अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए आवश्यक निधि उपलब्ध होती है। ऐसे में बड़ी मात्रा में संपत्ति कर बकाया रहने से मनपा के नियमित विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं पर भी असर पड़ सकता है।
नोटिस से कार्रवाई तक चलेगी प्रक्रिया
बकाया वसूली के लिए मनपा को पहले बकायेदारों की पहचान कर नोटिस जारी करने के साथ ही नियमानुसार वसूली प्रक्रिया पूरी करनी होगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। व्यावसायिक संपत्तियों को अभियान में प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है, क्योंकि इनसे जुड़े बकाये की राशि अपेक्षाकृत अधिक हो सकती है। हालांकि, 1,279 करोड़ रुपये की पूरी राशि वसूलना मनपा के लिए बड़ी चुनौती होगी। बकाये की अवधि, कर निर्धारण को लेकर विवाद, बकायेदारों की आर्थिक स्थिति और नोटिस के बाद की कार्रवाई जैसे कई कारक वसूली की गति को प्रभावित कर सकते हैं। मनपा के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में संपत्ति कर से 100 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली हुई है। इसमें 27.54 करोड़ रुपये लंबित बकाये से प्राप्त हुए हैं। अब विशेष अभियान के जरिए मनपा लंबित राशि को वास्तविक राजस्व में बदलने की कोशिश करेगी।
बकायेदारों के लिए बढ़ सकता है बोझ
मनपा के इस अभियान से संपत्ति कर बकायेदारों पर दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है। लंबे समय तक कर का भुगतान नहीं करने पर जुर्माना और अन्य शुल्क जुड़ते रहने से पुराना बकाया समय के साथ काफी बढ़ सकता है। ऐसे में संपत्ति मालिकों के लिए लंबित कर का समय पर भुगतान करना महत्वपूर्ण होगा।





