सचिन चौरसिया, रामटेक :- रक्षाबंधन के दूसरे दिन शनिवार,29 अगस्त को परदेशी हिंदी भाषी समुदाय ने पारंपरिक भुजलिया उत्सव को बड़े उत्साह से मनाया। शाम 5 बजे भुजलिया की शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। गांधी चौक पर विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों ने शोभायात्रा का स्वागत किया।
रक्षाबंधन से आठ-दस दिन पहले भुजलिया उत्सव के लिए महिलाएं गेहूं के दानों को काजली में भिगोकर बांस की टोकरियों में अंकुरित करती हैं। अंकुर फूटने के बाद प्रतिदिन उनकी पूजा की जाती है। रक्षा बंधन के दूसरे दिन इन भुजलियाओं को विधिपूर्वक जलाशय में विसर्जित किया जाता है। इसके बाद भुजलियाएं एक-दूसरे को उपहार में दी जाती हैं और वरिष्ठ नागरिकों और माता-पिता से आशीर्वाद लिया जाता है। भुजलिया भाईचारे, एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश देने वाला त्योहार है। इस अवसर पर कहार समाज चैरिटेबल ट्रस्ट मुंबई प्रदेश अध्यक्ष बबलू दूधबर्वे, अशोक बर्वे, नगरसेवक माणिक ताकोत, नगरसेविका लक्ष्मीबाई अहिरकर, अनुबाई चंदनबटवे, पी.टी. रघुवंशी, रतिराम रघुवंशी मंसाराम अहिरकर, किशोर अहिरकर, गणेश अहिरकर, बिराज अहिरकर, मोनू रघुवंशी, प्रकाश मोरेसिया, रामप्रसाद बर्वे, वशिष्ठ ताकोत, सचिन भारद्वाज, आकाश अहिरकर, विजय अहिरकर, योगेश दुधबर्वे, हरिचंद्र ताकोत, संजय बिसमोगरे सहित कहार, भोई, ढीवर, किराड, मरार, काछी, बरई समाज के सदस्य उपस्थित थे। उत्सव के बाद महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक राखी तालाब के जल में भुजलिया विसर्जित की। उत्साह से रामटेक में उत्साह का माहौल बन गया था।





