– स्कूलों के बाहर पुलिस का पहरा, 31 अगस्त की धमकी के चलते बढ़ाई सुरक्षा
नागपुर :- शहर के 19 स्कूलों और अन्य स्थानों को बम धमाके से उड़ाने की धमकी देने वाले ईमेल में 31 अगस्त की तारीख का विशेष उल्लेख होने के बाद सोमवार को नागपुर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस प्रशासन ने स्कूलों और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। रविवार रात से ही गश्त तेज कर दी गई, जबकि सोमवार सुबह स्कूलों के बाहर पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया। पहले की गई जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने के बावजूद अभिभावकों और स्कूल प्रबंधनों में चिंता बनी हुई है। इसी के चलते शहर के कुछ स्कूलों ने एहतियातन सोमवार को छुट्टी घोषित कर दी, जबकि अधिकांश स्कूलों ने नियमित रूप से कक्षाएं संचालित करने का फैसला लिया।
पुलिस के अनुसार, 18 अगस्त को शहर के 16 नामी स्कूलों समेत 19 स्थानों पर धमकी भरे ईमेल भेजे गए थे। ईमेल में 31 अगस्त को बम धमाका करने की धमकी दी गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस और बम शोधक व नाशक दस्ते (बीडीडीएस) ने सभी संबंधित स्कूलों और स्थानों की गहन जांच की थी। जांच के दौरान कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी। इसके बाद स्कूलों में सामान्य रूप से कामकाज शुरू हो गया था, लेकिन धमकी में 31 अगस्त की तारीख दिए जाने के कारण पुलिस ने एहतियातन सुरक्षा बढ़ा दी है। स्कूल प्रबंधन भी किसी तरह का जोखिम लेने के पक्ष में नहीं हैं। शनिवार और रविवार को कुछ स्कूलों ने अभिभावकों को संदेश भेजकर सोमवार की छुट्टी की जानकारी दी।
दहशत फैलाना मकसद, घबराने की जरूरत नहीं:
ज्वाइंट सीपी नवीनचंद्र रेड्डी ने कहा कि धमकी भरे ईमेल के बाद से पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। सभी संबंधित स्थानों की बीडीडीएस से जांच कराई गई थी, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। इसके बावजूद स्कूलों में निगरानी बढ़ा दी गई है। उन्होंने बताया कि स्कूल प्रबंधन के साथ बैठक कर सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। सभी थानेदारों को स्कूलों और आसपास के क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने तथा संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। रात के समय स्कूलों के सामने फिक्स पॉइंट लगाए गए हैं और नियमित जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर बीडीडीएस की मदद ली जाएगी।
रेड्डी ने कहा कि धमकी का उद्देश्य प्रथमदृष्टया दहशत फैलाना प्रतीत होता है। नागरिकों और अभिभावकों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। पुलिस हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
स्कूल बंद रखने का फैसला प्रबंधन का:
विशेष शाखा के डीसीपी संदीप पखाले ने बताया कि पुलिस 24 घंटे अलर्ट रहती है। ईमेल के बाद उत्पन्न चिंता को देखते हुए सभी स्कूल प्रबंधनों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कुछ स्कूलों ने एहतियातन सोमवार को छुट्टी घोषित की है। उन्होंने कहा कि स्थानीय थानेदार लगातार स्कूल प्रबंधन के संपर्क में हैं। स्कूल शुरू रखना या छुट्टी घोषित करना प्रबंधन का निर्णय है। बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और पुलिस की ओर से पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
12 दिन बाद भी ईमेल भेजने वाले का सुराग नहीं:
18 अगस्त को भेजे गए धमकी भरे ईमेल की जांच में पुलिस को अब तक इसे भेजने वाले का कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। ईमेल में खालिस्तान मूवमेंट का उल्लेख करने के साथ भाजपा और आरएसएस के खिलाफ आपत्तिजनक बातें भी लिखी गई थीं। जांच में सामने आया है कि ईमेल भेजने के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) का इस्तेमाल किया गया था। घटना को 12 दिन बीतने के बावजूद आरोपी तक पहुंचने में पुलिस को सफलता नहीं मिली है।





