नागपुर :- गंभीर अपराधों के जरिए क्षेत्र में वर्चस्व कायम करने और दहशत फैलाने वाली छह सदस्यीय गैंग के खिलाफ नागपुर ग्रामीण पुलिस ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत कार्रवाई की है। यह कार्रवाई उमरेड पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हर्ष ए. पोद्दार और अपर पुलिस अधीक्षक अनिल म्हस्के के मार्गदर्शन में की।
मकोका की कार्रवाई गैंग लीडर राहुल नगर, सोमलवाड़ा, नागपुर निवासी सागर सुधाकर नारनवरे (31) तथा उसके पांच साथियों हर्षल सुधाकर हिवाले (30), सौरभ वामनराव गजबे (31), पवन राजू शिवनकर (20), बद्री उर्फ सुनील दत्तूजी नारनवरे (61) और दत्तू उर्फ नागेश सुनील नारनवरे (22) के खिलाफ की गई है। उमरेड थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1), 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता भूषण बंडूजी चौधरी के अनुसार, बेसुर निवासी घायल सूरज किसना निवटे अपने मित्र के साथ शिवमराठा गैरेज के सामने बैठा था। इसी दौरान आरोपी सागर नारनवरे और पवन शिवनकर समेत अन्य आरोपी वहां पहुंचे और सूरज पर लकड़ी के डंडे तथा चाकू से हमला कर फरार हो गए। घायल का नागपुर के नंदनवारी अस्पताल में उपचार चल रहा है।

जांच के दौरान हर्षल हिवाले और सौरभ गजबे के नाम मामले में जोड़े गए। पुलिस ने आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल हथियार, वाहन और कपड़े जब्त किए। सभी छह आरोपियों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया।
….पहले भी हो चुकी है हद्दपारी
पुलिस जांच में सामने आया कि सागर नारनवरे कथित तौर पर संगठित तरीके से नए सदस्यों को गैंग में शामिल कर क्षेत्र में वर्चस्व स्थापित करने के लिए गंभीर अपराधों को अंजाम देता रहा है। उसके और उसके साथियों के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों को 12 नवंबर 2024 को नागपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्र से दो वर्ष के लिए तडीपार भी किया गया था। इसके बावजूद आरोपियों द्वारा गंभीर अपराध जारी रखने के चलते पुलिस ने उनके खिलाफ मकोका के तहत कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार किया। उमरेड पुलिस द्वारा तैयार प्रस्ताव पुलिस अधीक्षक, नागपुर ग्रामीण के माध्यम से विशेष पुलिस महानिरीक्षक, नागपुर परिक्षेत्र के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। मंजूरी मिलने के बाद इस मामले में मकोका की धाराएं बढ़ाई गई हैं।





