– उल्टी, पेटदर्द और चक्कर की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती, पालकों में रोष
चंद्रपुर :- जिवती तहसील के नगराला स्थित श्री अंब्रू नाईक माध्यमिक आश्रमशाला में 29 विद्यार्थियों की तबीयत भोजन करने के बाद बिगड़ने का मामला सामने आया है। विद्यार्थियों को दिये गये दोपहर के भोजन में छिपकली मिलने का आरोप लगाया जा रहा है। भोजन करने के कुछ समय बाद विद्यार्थियों को मितली, उल्टी, पेटदर्द और चक्कर आने की शिकायत हुई। इसके बाद स्कूल प्रशासन ने तत्काल प्रभावित विद्यार्थियों को उपचार के लिए राजुरा के ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया।
जानकारी के अनुसार, आश्रमशाला में रोज की तरह दोपहर के भोजन की तैयारी की गई थी। इसी दौरान भोजन में छिपकली गिरने की बात सामने आई। आरोप है कि इस मामले में उचित सावधानी नहीं बरती गई और वही भोजन विद्यार्थियों को परोसा गया। भोजन करने के बाद कई विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ने लगी।इसके बाद सभी प्रभावित विद्यार्थियों को राजुरा ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया। चिकित्सकीय अधिकारियों के अनुसार फिलहाल सभी विद्यार्थियों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर सवाल
घटना के बाद पालकों में रोष है। आश्रमशाला में विद्यार्थियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। पालकों ने भोजन तैयार करने के दौरान बरती जाने वाली सावधानी, रसोईघर की स्वच्छता तथा भोजन की नियमित जांच को लेकर प्रशासन से जवाब मांगा है। यदि भोजन में छिपकली मिलने के बावजूद वही भोजन विद्यार्थियों को परोसा गया असेल, तो यह विद्यार्थियों की सुरक्षा के प्रति गंभीर लापरवाही का मामला हो सकता है, ऐसी प्रतिक्रिया पालकों की ओर से व्यक्त की जा रही है।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग:
घटना की गहन जांच कर लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले कर्मचारियों और संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग पालकों और स्थानीय नागरिकों ने की है। साथ ही आश्रमशाला की भोजन व्यवस्था की तत्काल जांच करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की जा रही है।इस मामले की जानकारी संबंधित विभाग और पुलिस को दी गई है। भोजन में वास्तव में छिपकली मिली थी या नहीं तथा विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ने का वास्तविक कारण क्या है, इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
भोजन के नमूनों की जांच जरूरी
घटना की गंभीरता को देखते हुए विद्यार्थियों को परोसे गए भोजन तथा रसोईघर में उपलब्ध खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए लेना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रयोगशाला जांच से ही भोजन की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ने के संभावित कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। इस मामले में प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई पर पालकों की नजर है।





